ज्ञान और आराधना का महायज्ञ: दसलक्षण पर्व,,रिपोर्टर @दीपक कुमार गर्ग
ज्ञान और आराधना का महायज्ञ: दसलक्षण पर्व,,रिपोर्टर @दीपक कुमार गर्ग
शहडोल नगर स्थित श्री चंद्रप्रभ जिनालय में पर्वाधिराज दसलक्षण पर्व बहुत ही भव्य एवं दिव्य रूप में मनाया जा रहा है। साधर्मियों द्वारा प्रातःकाल जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक, पूजन एवं विधान के माध्यम से भक्तिगंगा में स्नान किया जा रहा है। विगत दिनों में पंच परमागम विधान एवं आज श्री तत्त्वार्थसूत्र जी विधान का आयोजन किया गया।
मंगलायतन से पधारे मंगलार्थी समकित जी शास्त्री ने आचार्य उमास्वामी एवं उनके कर्तृत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तत्त्वार्थसूत्र जी इस विश्व का अद्वितीय ग्रन्थ है तथा जैन दर्शन के प्रत्येक विषय का बीजभूत है।
सायंकाल की बेला में प्रतिदिन आध्यात्मिक पाठ, जिनेन्द्र भक्ति, स्वाध्याय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से साधर्मी बंधु धर्मलाभ ले रहे हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष कमल जैन, सुनील जैन, वीरेंद्र जैन, विकास जैन, सौरभ जैन, अनमोल जैन, संदीप जैन, मुकुल जैन, वीरेंद्र जैन 'चंचल', नरेंद्र जैन, सुरेश चौधरी एवं समस्त महिला साधर्मी ग्रुप का अद्वितीय योगदान रहा।
साथ ही श्रीमती शिवानी जैन (सीईओ, जयसिंहनगर) ने विधान मंडल पर प्रतीक चिह्न, समवसरण आदि विराजमान करके कार्यक्रम के गौरव को बढ़ाया।
दसलक्षण पर्व आराधना का महापर्व है। यह जैनधर्मावलंबियों के साथ साथ संपूर्ण विश्व के लिए शांतिप्रदायक और कल्याणकारी है तथा जीवन जीने की कला सिखाता है।


