*दीक्षांत समारोह में डॉ. नरेन्द्र पटेल हुए सम्मानित, कृषित भूमि उपयोग एवं पोषण पर किया महत्वपूर्ण शोध*


अनूपपुर। जिले के लिए गौरव कहलाने वाले राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एक बार पुनः शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के कारण दिनांक 01 फरवरी 2026 को आयोजित मध्यांचल प्रोफेशनल विश्वविद्यालय भोपाल के प्रथम दीक्षांत समारोह में  केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं सम्मानित प्रसिद्ध कवि, लेखक, हास्य कवि, एंकर, तारक मेहता का उल्टा चश्मा के तारक का किरदार निभाने वाले शैलेश लोढ़ा जी के करकमलों से शिक्षा  की सर्वोच्च उपाधि Ph.D (Doctor of Philosophy)प्रदान किया गया। यह सम्मान उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों एवं कृषि आधारित शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया है। डॉ. पटेल ने वर्ष 2022 में मध्यांचल प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, भोपाल से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की है। उनका शोध विषय “अनूपपुर जिला (मध्यप्रदेश) का कृषित भूमि उपयोग एवं पोषण” रहा, जो क्षेत्रीय कृषि व्यवस्था, भूमि प्रबंधन तथा पोषण सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने वर्ष 2018 में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर शोध कार्य प्रारंभ किया तथा सतत परिश्रम, अध्ययन और मैदानी विश्लेषण के साथ साथ जबलपुर, रीवा, भोपाल एवं अनूपपुर के कृषि, सांख्यिकी,वन, जल संसाधन विभाग से संपर्क विचार विमर्श के बाद वर्ष 2022 में अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
 यह शोधकार्य उन्होंने डॉ.आशुतोष  मोहंती के कुशल निर्देशन  एवं मार्गदर्शन में संपन्न किया।
     अनूपपुर जिले के साथ साथ सम्पूर्ण मध्य प्रदेश क़ृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. पटेल का शोध कृषि भूमि के वैज्ञानिक उपयोग, उत्पादन क्षमता वृद्धि तथा ग्रामीण पोषण स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध हो सकता है। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, कृषकों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी दिशा प्रदान करेगा।
डॉ. पटेल की इस उपलब्धि से अनूपपुर जिले में हर्ष का वातावरण है।  विभागीय अधिकारियों,शिक्षकों साथियों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें इस उपलब्धि  पर शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित किए हैं।
*विद्यालय में हुआ भव्य स्वागत*
 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरिया के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों के द्वारा श्री पटेल के वापस आने पर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रचार्य एवं समस्त शिक्षकों के द्वारा शाल श्रीफल एवं पुष्प माला से स्वागत किया गया। शोध कार्य के दौरान डॉ पटेल ने अपने अनुभव समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए अन्य शिक्षकों को भी शोधकार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।