दीपावली नहीं, अब 31 दिसंबर की नई समयसीमा; फ्लाईओवर पर सांसद हिमाद्री सिंह का दावा पड़ सकता है कमजोर

नागपुर ट्रेन के बाद अब फ्लाईओवर का वादा भी सवालों के घेरे में, आठ साल से अधूरी परियोजना से जनता परेशान

अनूपपुर। अनूपपुर जिला मुख्यालय के बहुप्रतीक्षित रेलवे फ्लाईओवर को लेकर सांसद हिमाद्री सिंह का दीपावली तक निर्माण पूरा कराने का दावा अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि फ्लाईओवर का निर्माण दीपावली तक पूरा होना संभव नहीं है और अब इसकी नई समयसीमा 31 दिसंबर तय की गई है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि नागपुर तक ट्रेन संचालन को लेकर उठे सवालों के बाद अब फ्लाईओवर परियोजना को लेकर भी सांसद के दावों पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
सेतु निगम की मुख्य अभियंता सरस्वती त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि रेलवे से भूमि आवंटन में हुई देरी के कारण परियोजना लगभग तीन वर्ष पीछे चली गई। उन्होंने कहा कि अब वन विभाग की दीवार हटाने और रेलवे द्वारा चिन्हित मकानों को हटाने की सहमति मिलने के बाद निर्माण की प्रमुख बाधाएं समाप्त हो चुकी हैं। भूमि उपलब्ध होने से रिटेनिंग वॉल और सर्विस रोड का निर्माण तेजी से किया जाएगा। बारिश के बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है और लक्ष्य 31 दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने का रखा गया है।
18 महीने की परियोजना आठ वर्ष में भी अधूरी
अनूपपुर रेलवे फाटक पर जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से लगभग आठ वर्ष पहले फ्लाईओवर निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उस समय परियोजना की लागत लगभग ₹12 करोड़ और निर्माण अवधि 18 महीने निर्धारित की गई थी। लेकिन भूमि विवाद, प्रशासनिक देरी और अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण यह परियोजना लगातार विलंब का शिकार होती रही। अब इसकी लागत बढ़कर लगभग ₹20 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
अभी भी काफी काम बाकी
जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय की ओर लगभग 118 मीटर रिटेनिंग वॉल का निर्माण शेष है। वहीं कोतवाली तिराहे की ओर 130 मीटर रिटेनिंग वॉल बनने के बाद उसमें मिट्टी भराई और ढलाई का कार्य अभी पूरा होना बाकी है। इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद ही फ्लाईओवर पूरी तरह यातायात के लिए खोला जा सकेगा।
अंडरब्रिज के सहारे आवागमन, जनता रोज झेल रही परेशानी
फ्लाईओवर अधूरा होने का सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। रेलवे लाइन के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए लोगों को अंडरब्रिज वाले मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे हर बार लगभग दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
भूमि विवाद सुलझा, अब तेजी की उम्मीद
रेलवे और वन विभाग के बीच वर्षों से लंबित भूमि विवाद के समाधान के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रमुख बाधाएं दूर हो चुकी हैं और अब निर्धारित नई समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।
जनता की निगाहें अब 31 दिसंबर पर
दीपावली तक फ्लाईओवर शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को अब 31 दिसंबर तक इंतजार करना होगा। ऐसे में यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के दावों और सरकारी एजेंसियों की कार्यशैली की भी परीक्षा बन गई है। यदि तय समयसीमा में भी फ्लाईओवर पूरा नहीं हुआ तो जनता के बीच जवाबदेही और राजनीतिक दावों पर बहस और तेज होना तय माना जा रहा है। :::