पाली में रानी दुर्गावती जन्मदिवस पर हुआ ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का शुभारंभ, महिलाओं के लिए जागरूकता अभियान की शुरूआत

पाली। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम का शुभारंभ आज रानी दुर्गावती के जन्मदिवस, 5 अक्टूबर से किया गया। यह अभियान आगामी 23 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मातृशक्ति सम्मेलन के रूप में मनाया जाएगा।

कार्यक्रम की जानकारी आज सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय  पाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला संयोजिका कौशल्या चक्रवर्ती, जिला वक्ता ज्योति द्विवेदी एवं माधवी सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि “सप्तशक्ति संगम” का मूल उद्देश्य समाज में कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्व का बोध तथा नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाना है। इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह महिलाओं का, महिलाओं के लिए और महिलाओं द्वारा आयोजित सम्मेलन है।

विद्या भारती द्वारा संचालित यह अभियान ग्राम भारती, संस्कार केंद्रों और वनवासी क्षेत्रों सहित प्रत्येक स्तर पर मनाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कुटुंब की व्यापक परिभाषा से दूर होती जा रही है — उनके लिए परिवार केवल पति, पत्नी और बच्चों तक सीमित रह गया है। जबकि भारतीय संस्कृति में कुटुंब का अर्थ “वसुधैव कुटुंबकम” — अर्थात् संपूर्ण विश्व को परिवार मानने की भावना है।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश जन-जन तक पहुँचाया जाएगा कि पर्यावरण का संरक्षण कैसे किया जाए, सामाजिक समरसता कैसे बनी रहे, आत्मबोध कैसे जागृत हो तथा नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग कैसे रहें।

“कीर्तिः श्रीर्वाक च नारीनाम स्मृति मेधा धृति क्षमा” — इन सात शक्तियों के भाव से प्रेरित यह संगम मातृशक्ति को समाज निर्माण की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।