2026 के शुभ आगमन पर परमहंस धारकुंडी आश्रम के पूज्य स्वामी श्री सच्चिदानंद जी महाराज का 102वाँ जन्मोत्सव पर्व  धूमधाम से मनाया गया ,सदगुरुदेव भगवान के  पूजन अर्चन बाद हुआ विशाल नगर भंडारा,,संवाददाता - श्रवण कुमार उपाध्याय 

अमरकंटक - श्री परमहंस धारकुंडी आश्रम के प्रमुख परम पूज्य सतगुरुदेव भगवान स्वामी श्री सच्चिदानंद जी धारकुंडी महाराज श्री का 102वाँ जन्मोत्सव पर्व को श्री परमहंस सेवा संस्थान के द्वारा अमरकंटक स्थित  धारकुंडी आश्रम के संत श्री लवलीन बाबा के सानिध्य में सभी शिष्यों , भक्तों एवं संस्थान के सदस्यगणों द्वारा बड़े ही धूमधाम के साथ कलेंडर नव वर्ष के आगवन एवं परम सदगुरुदेव भगवान के 102वाँ जन्मोत्सव वर्षगांठ पर दिन गुरुवार 01 जनवरी 2026 को धूमधाम के साथ उत्सव पर्व मनाया गया । 

सदगुरुदेव भगवान एक महान तपस्वी , सिद्ध महापुरुष एवं आत्म-साक्षात्कार परमात्म प्राप्त महापुरुष हैं ।
सदगुरुदेव भगवान जी ने अपने सदगुरु 
परम पूज्य स्वामी श्री परमानंद जी (दादा गुरु) परमहंस जी महाराज 
के पावन आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में उन्होंने 
वर्ष 1956 में श्री परमहंस धारकुंडी आश्रम जिला सतना स्थित की स्थापना की थी ।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में धारकुंडी आश्रम  (चित्रकूट के समीप) स्थित इस निर्जन एवं वनाच्छादित स्थान पर
स्वामी जी ने दीर्घकाल तक कठोर साधना , तपस्या एवं आत्मचिंतन किये और यही परमात्मा के आत्म-साक्षात्कार की परम अवस्था को प्राप्त किये है ।
उनकी तपश्चर्या से यह भूमि आज एक अत्यंत दिव्य , शांत एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण महान तीर्थस्थल
के रूप में विख्यात हो चुकी है ।
आज भी परम पूज्य सतगुरुदेव भगवान अपने भक्तों को नियमित रूप से दर्शन , आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं । यहां 
देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु , साधक एवं अनुयायी ऑनलाइन माध्यम एवं
यहाँ आकर साधना , भजन , सत्संग और सेवा में संलग्न होते हैं ।
स्वामी जी के कृपा प्रसाद से आज पूरे विश्व में जगह जगह श्री परमहंस आश्रम संचालित है । जहां सभी आश्रमों , स्थानों पर स्वामी जी की जन्मोत्सव वर्षगांठ मनाई गई ।

ऐसे ही अमरकंटक स्थित श्री परमहंस धारकुंडी आश्रम के व्यवस्थापक स्वामी लवलीन बाबा जी ने बताया कि अपने आराध्य , इष्टदेव , अनंत विभूषित परमपूज्य श्री सदगुरुदेव भगवान के पावन जन्मोत्सव वर्षगांठ पर आश्रम में शिष्य और भक्तों द्वारा प्रातः 8 बजे सदगुरुदेव भगवान का पूजन अर्चन एवं अभिषेक तथा सुबह 10 बजे गुरु महिमा , सत्संग व भजन संध्या के बाद दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव , आरती एवं बधाई गीतगान किया गया तथा दोपहर 01 बजे से विशाल नगर भंडारे (प्रसाद वितरण) प्रारंभ किया गया ।
आश्रम में संचालित माई की रसोई श्री परमहंस सेवा संस्थान के द्वारा धारकुंडी आश्रम परिसर में संचालित माई की रसोई जिसमें अमरकंटक तीर्थ नगरी में पधारे हुए नर्मदा परिक्रमा वासियों एवं तीर्थ यात्रियों हेतु नियमित भोजन और विश्राम की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है जिसमें आश्रम के सदस्य ,भक्तों द्वारा संचालित किया जाता है । माई की रसोई संचालन में एक जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक यानी एक वर्ष में लगने वाला समस्त ईंधन की संपूर्ण सेवा का प्रभार इंडेन गैस एजेंसी देवमऊ दलदल जिला सतना के संस्थापक वीरेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा सेवा का संकल्प लिया गया है ।