पाली में नकली राजश्री गुटखा का भंडाफोड़, हरीश किराना स्टोर उर्फ 'हररु' की दुकान से बड़ी मात्रा में जब्त

पाली (उमरिया)।पाली नगर में नकली तंबाकू उत्पादों के कारोबार का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मंगलवार को राजश्री गुटखा कंपनी के डीलरों व प्रतिनिधियों ने पुलिस की मदद से पाली के एनएच-43, वार्ड क्रमांक 5, मुढुलहा टोला स्थित चर्चित "हरीश किराना स्टोर" उर्फ हररु की दुकान पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली 'राजश्री पान मसाला' और 'ब्लैक लेबल 69' पाउच जब्त किए।

यह कार्यवाही कंपनी के अधिकृत डीलर श्री साजन बजाज की सतर्कता के कारण संभव हो सकी। उन्होंने हरीश किराना स्टोर से लगातार नकली उत्पाद बेचे जाने की आशंका जताते हुए उच्च अधिकारियों को जानकारी दी थी। कंपनी द्वारा मौके पर भेजी गई टीम ने जांच में पाया कि दुकानदार के पास रखे गए पाउच असली नहीं थे।

राजश्री कंपनी के मैनेजर साजन बजाज ने स्पष्ट रूप से कहा:

> "यह माल न तो हमारे रजिस्टर डीलर से गया है, न ही इसकी कोई अधिकृत सप्लाई कंपनी द्वारा की गई है। पैकेजिंग देखने में असली जैसी लगती है, लेकिन बारकोड, बैच नंबर और मटेरियल क्वालिटी में भारी अंतर है। ये सभी नकली पाउच हैं।"

घटना की सूचना मिलते ही पाली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे नकली माल को जब्त कर लिया। उक्त किराना स्टोर के संचालक हरीश उर्फ हररु को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।

 

*क्या-क्या जब्त हुआ?*

नकली राजश्री पान मसाला के सैकड़ों पाउच

नकली Black Label 69 के पाउच

अन्य संदिग्ध सामग्री भी जांच के घेरे में

 

 *उपभोक्ताओं को चेतावनी:-*

राजश्री कंपनी व प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऐसे उत्पाद खरीदते समय पूरी सतर्कता बरतें और सिर्फ अधिकृत दुकानों से ही सामग्री लें। नकली गुटखा न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी गंभीर अपराध है।

 


❗ सवालों के घेरे में खाद्य सुरक्षा विभाग:

इस कार्यवाही के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिस प्रकार खुलेआम नकली गुटखा बिक रहा था, उसे देखकर आम जनमानस का यह पूछना स्वाभाविक है कि आखिर खाद्य अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे?
क्या यह विभाग सिर्फ औपचारिक निरीक्षण कर रहा है, या फिर जिले में संचालित दुकानदारों से नियमित 'किस्त' वसूली का कोई अघोषित तंत्र तो नहीं चल रहा?
यह बड़ा सवाल अब जिम्मेदार अधिकारियों के गले की हड्डी बन गया है, और जनता को अब इस पर स्पष्ट जवाब चाहिए।

 

 *विशेष तथ्य:*

यह पहली बार नहीं है जब नकली तंबाकू उत्पादों का मामला सामने आया हो, लेकिन इस बार यह घटना स्थानीय प्रतिष्ठित दुकान से जुड़ी होने के कारण चर्चा और आक्रोश दोनों का विषय बन गई है।
प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि न केवल नकली उत्पादों के सप्लायर और विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई हो, बल्कि लापरवाह और संदिग्ध भूमिका वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।