मां नर्मदा उद्गम कुंड के धरातल की जीर्ण शीर्ण अवस्था की मरम्मत अति आवश्यक ,,संवाददाता - श्रवण उपाध्याय 

अमरकंटक - मां नर्मदा की  उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर क्षेत्र पर स्थित है ।  यह धार्मिक और आध्यात्मिकता से जुड़ा हुआ है । यह  स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के कारण पर्यटक , तीर्थयात्री, श्रद्धालुओं का प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र स्थल है । अमरकंटक में मां नर्मदा का मुख्य उद्गम स्थल है जहां से मैया कल-कल करती हुई पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर बहती हैं । श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह एक आस्था का केंद्र है । मां नर्मदा उद्गम स्थल पर स्थित पवित्र नर्मदा उद्गम कुंड का जब भी पानी (जल) निकाला या निकासी किया जाता है तब कुंड के निचले धरातल पर जमा मालवा या गंदगी की साफ सफाई कि जाती है । पवित्र जल निकासी बाद ही कुंड के धरातल की सही तस्वीर दिखती है । आज वर्तमान में जिस तरह कुंड के धरातल का जीर्ण शीर्ण हालात नजर आ रहा है उससे लगता है कि कुंड के निचले धरातल भागों और निचली सीढ़ियों के किनारे जर्जर भागो के हालातों की मरम्मत करना अति आवश्यक महसूस हो रहा है । धरातल के आसपास की स्थिति पर दृष्टि डाली जाती है, तो यह साफ प्रतीत होता है कि कुंड को संजीवनी देने हेतु मरम्मत जैसे कार्य करने की अति आवश्यकता के  कदम उठाने चाहिए ।

अमरकंटक निवासियों और आने जाने वाले श्रद्धालुओं , पर्यटकों , तीर्थयात्रियों की अपेक्षा भी यही है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर की रक्षा के लिए त्वरित कार्यवाही करेगा ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अमरकंटक में मां नर्मदा के उद्गम स्थल की पवित्रता और सुंदरता का अनुभव कर सके । 

पूर्व पार्षद नगर परिषद  एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष अमरकंटक श्याम लाल सेन ने कहा कि कुंड के धरातल की मौजूदा स्थिति चिंता का विषय है । लंबे समय से यहां किसी प्रकार का संरक्षण या मरम्मत कार्य नहीं हुआ है , जिससे इसकी मूल संरचना प्रभावित हो रही है ।

मां नर्मदा मंदिर प्रधान पुजारी पंडित जुगल किशोर द्विवेदी ने बताया कि "कुंड के जमीनी स्तर पर वर्षों से कोई मरम्मत कार्य नहीं हुए है । वर्तमान की स्थिति को देखकर स्पष्ट है कि इस पवित्र स्थल की मरम्मत करना अनिवार्य हो चुका है । प्रशासन को शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए ।"

मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमरकंटक चैन सिंह परस्ते ने इस संबंध में बताया कि अभी बारिश का मौसम चल रहा है , शुष्क समय आने पर नर्मदा कुंड के धरातल का मरम्मत कार्य अवश्य कराएं जाएंगे ।