महेश साहू आप विधायक को ज्ञान दिए होते तो आज पत्रकारों को ज्ञान देने की आवश्यकता न होती - विजय उरमलिया की कलम से
अनूपपुर - अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ के मेढ़ाखार की पर्वतारोही बसंती देवी मरावी पिता गली राम मरावी ने जिले का नाम रौशन करने की जिद में अड़ी है और विधायक बिसाहुलाल सिंह के निज सहायक ने आज इस पूरे मामले को उठाने वाले पत्रकारों को सोशल मीडिया में नसीहत देते नजर आये की पत्रकार किसी से मदद के मोहताज क्यों है चंदा कर के दे दीजिए आप तो पूर्व मंत्री के निज सहायक रहे हो और वर्तमान में विधायक के निज सचिव हो और आपने अपने कार्यकाल के दौरान आपने अपने विधायक से अपने दम पर किसकी मदद करवाई है बताइयेगा जरूर नही बता पाओगे क्यों कि मदद नही किये हो बल्कि मदद की आशा लगाये पहुंचने वालों तक को आपने नही बख्शा पर दुर्भाग्यपूर्ण तो यह है कि उस जिले की एक आदिवासी होनहार बेटी जो पर्वत पर परचम लहराने का माद्दा तो रखती है पर आप के आदिवासी नेताओ को तो आज तक इस बेटी के बारे में जानकारी ही नही थी और ये मीडिया कर्मी ही है कि जो उसके घर तक पहुंचे उसकी समस्या आम जन तक पहुंचाई और रही मदद की बात तो महेश साहू जी आपके मदद की दरकार भी नही है मीडिया कर्मी इतने सक्षम है जिले के की उस बेटी के लिए आज दस हाँथ खबर आने के बाद से मदद के लिए खड़े है आप उन नेताओं को नसीहत जरूर दीजियेगा जो आदिवासियों के हितैसी बनने का ढोंग करते है और उन आदिवासियों का भला आज तक नही हुआ,महेश साहू जी पत्रकारों को ज्ञान आपसे सीखने की जरूरत नही आप जहां है वहां ही अपना अगर ज्ञान सही तरीके से दिए होते तो शायद आदिवासियों की आज तस्वीर बदल गई होती और बसंती बेटी किस समाज से है हमे कोई लेना देना नही है वो महज अनूपपुर जिले की बेटी है और हम अपनी इस बेटी को उसके शिखर तक पहुंचाने में एड़ी चोंटी एक कार देंगे आपको चिंता करने की आवश्यकता नही है और रही मदद की बात तो मदद करने वालों ने खबर देख कर आज उस बेटी के लिये सैकड़ों हाँथ खड़े है आप जैसे सत्ता धारी पार्टी के विधायक के निज सचिव से हम कोई आशा भी नही करते और रही उस बेटी की बात तो ईश्वर बस उसे दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी फतह करने की ताकत दे हम उसके पीछे खड़े है जरूरत पड़ेगी तो आपसे और आप के विधायक से कहने और मांगने नही आएंगे पत्रकार है पैसा नही है घर बार बेंच सपना साकार करेंगे बेटी का हौसला टूटने नही देंगे बस आप से इतना ही मांग सकते है अगर जरा सी लोक लज्जा बची हो तो दुआ करना बेटी शिखर पे परचम लहराये