पंजीयक के आदेश को महाप्रबंधक जिला सह.बैंक शहडोल दिखा रहे ठेंगा- स्वयंभू19प्रबंधको की भर्ती नहीं हुई निरस्त

पंजीयक के आदेश को महाप्रबंधक जिला सह.बैंक शहडोल दिखा रहे ठेंगा- स्वयंभू19प्रबंधको की भर्ती नहीं हुई निरस्त
उच्च न्यायालय,शासन प्रशासन को गुमराह कर महाप्रबंधक एवं उनके नुमाइंदे शासकीय राशि की खेल रहे होली,पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल ने प्रबंधकों की भर्ती निरस्त करने दिया था आदेश
अनूपपुर/राजेश पयासी/जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल के महाप्रबंधक संतोष यादव नियम विपरीत फर्जी भर्ती कांड को अंजाम देकर करोड़ों रुपए ऐंठ लिए हैं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सहकारी संस्थाएं पंजीयक भोपाल ने सभी भर्ती निरस्त करने का आदेश जारी किया था लेकिन महाप्रबंधक संतोष यादव के सह पर फर्जी भर्ती के प्रबंधक विगत 6 माह से माननीय उच्चतम न्यायालय जबलपुर को गुमराह कर शासकीय राशि की होली खेल रहे है। जनचर्चा है प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को अपना करीबी बताकर लोगों को धमकाने वाला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शहडोल के महाप्रबंधक संतोष यादव अपने नुमाइंदो के जबड़े में फंसकर नियम विरुद्ध प्रबंधको की भर्ती कर शहडोल संभाग के उमरिया, अनूपपुर, शहडोल जिले के नवनियुक्त प्रबंधकों से करोड़ों रुपए वसूल कर फर्जी प्रबंधक नियुक्त कर दिया था, इस फर्जीवाड़ा कांड को लेकर समाचार पत्रों में लगातार समाचार प्रकाशन किया जा रहा था कर्मचारियों द्वारा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शासन प्रशासन को शिकायत की जा रही थी लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी जैसे ही आदर्श आचार संहिता समाप्त हुआ नहीं की पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल ने जांच टीम बनाकर जांच जारी कराया जांच रिपोर्ट आते ही पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल ने शहडोल संभाग के सभी 19 प्रबंधको के भर्ती को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया था।
समितियों में 19 प्रबंधकों की नियम विरुद्ध हुई थी भर्ती
आखिरकार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शहडोल में 60 प्रतिशत समिति कर्मचारियों की कैडर भर्ती में हुआ भ्रष्टाचार जांच के बाद उजागर हो ही गया। जिला सहकारी केंदीय बैंक मर्यादित शहडोल अंतर्गत 19 प्रबंधकों की कैडर भर्ती में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए बनी दो सदस्यीय टीम की जांच में यह आरोप साबित होने के बाद विधि विरुद्ध नियुक्तियां की गई हैं।17 पेज के जांच प्रतिवेदन के बाद पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल द्वारा 5 जून को कलेक्टर एवं प्रशासक जिला सहकारी बैंक मर्यादित शहडोल को लिखे पत्र में कहा गया है कि सहायक समिति प्रबंधकों के पद से समिति प्रबंधक संवर्ग में अपात्र कर्मचारियों का चयन कर नियुक्ति देने की गई कार्रवाई दूषित होनेभर्ती संबंधी दस्तावेज खंगाल रही भोपाल से पहुंची दो सदस्यीय टीम से तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने योग्य है। गौरतलब है कि नियम विरुद्ध हुई भर्तियों को लेकर समाचारपत्र में लगातार समाचार
का प्रकाशन किया जा रहा था। जिसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल द्वारा जांच टीम बनाई गई थी।पंजीयक सहकारी संस्थाएं मप्र मनोज कुमार सरियाम द्वारा समिति प्रबंधकों के चयन संबंधी कार्यवाही का विस्तृत परीक्षण करने के लिए संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी अरुण कुमार मिश्र तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी बैंक पन्ना एसके कन्नौजिया की टीम जांच के लिए बनाई गई थीं। टीम ने भर्ती प्रक्रिया का परीक्षण कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिसमें उल्लेख किया कि नियुक्ति एवं पदोन्नति में सेवा नियमों का पालन नहीं किया गया। साथ ही पूरी छानबीन, तथ्यों के आधार पर पारदर्शिता नहीं बरती गई, वही शिकायतकताओं के आरोप सही पाए गए।
इस तरह के थे आरोप
शिकायत में कैडर भर्ती में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। 22 सितंबर 2023 को जारी अंतिम चयन सूची में जिन 19 समिति प्रबंधकों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया उसके पहले बैंक द्वारा मंगाए गए दावा आपत्ति की न तो सुनवाई की गई और न ही अपात्र किए गए सहायक समिति प्रबंधकों को कारण बताया गया।
आदर्श आचार संहिता की उड़ी धज्जियां
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक प्रधान कार्यालय शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पत्र क्रमांक/स्था./2023-24/2067 दिनांक 13.03.2024 को आदेष जारी किया था कि आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मध्यप्रदेश भोपाल के आदेश क्रमांक/साख/विधि/2019/3635 भोपाल दिनांक 01.11.2019 द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में संवर्ग के द्वारा समिति प्रबंधक की पदस्थापना बैंक कैडर कमेटी द्वारा नियुक्त किया गया है। इनके नियुक्ति को लेकर अनूपपुर जिले में आदर्श आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई थी,जिले के तहसील जैतहरी, कोतमा, अनूपपुर, पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के सहकारी समितियों के प्रशासक आदर्श आचरण संहिता का खुलेआम उल्लंघन कर अपनी हिटलरशाही चलाए। सूत्रों से जानकारी मिली है कि उपायुक्त सहकारिता कार्यालय में पदस्थ प्रशासक अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता का पालन नही किया। जानकारी मिली है कि 16 मार्च 2024 को आदर्श आचार संहिता लागू की गई, उसका अनदेखी कर प्रशासक मनमर्जी तरीके से कार्य किए थे। बताया गया है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूरे मध्यप्रदेश में कैडर प्रबंधकों की नियुक्ति की गई थी, जिन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में ज्वाईन करने के लिए 13 मार्च को आदेश किया गया। लेकिन प्रशासक नए प्रबंधकों से सांठ-गांठ कर चुपके-चुपके जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी, राजेन्द्रग्राम में ज्वाईन करा लिए हैं और अब आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर सहकारी समितियों में ज्वाईन कराने की साजिश की गई। गौरतलब है कि जब 13 मार्च को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शहडोल के महाप्रबंधक द्वारा सभी समितियों में नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए थे, तो प्रशासक और बैंक के शाखा प्रबंधकों ने नव नियुक्त प्रबंधकों को समितियों की जिम्मेदारी नही सौंपी है। अब आचार संहिता लागू होने के बाद से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के शाखा प्रबंधक एवं सहकारिता उपायुक्त कार्यालय अनूपपुर में पदस्थ प्रशासक उन्हें ज्वाईन कराने के लिए प्रयासरत थे।
शाखा प्रबंधकों की भूमिका संदेहास्पद
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल के महाप्रबंधक संतोष यादव ने 19 फर्जी प्रबंधकों की नियुक्ति कर दिया जैसे ही इनकी नियुक्ति हुई की उमरिया अनूपपुर शहडोल जिले के सभी शाखा प्रबंधकों ने अपने हिटलर साहब महाप्रबंधक के आदेशों का पालन करते हुए सभी प्रबंधको को बैंक में ज्वाइन कराकर समितियों की जिम्मेदारी सौंप दिए जबकि एक ओर फर्जी भर्ती का मामला था वहीं दूसरी ओर आदर्श आचार संहिता लगा हुआ था।
महाप्रबंधक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज की उठी मांग
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल के महाप्रबंधक संतोष यादव शासन के नियम को ठेका दिखाकर संभाग में 19 प्रबंधकों से पैसा लेकर भर्ती प्रक्रिया में फर्जी बाड़ा किया है ऐसे हिटलरसाह अधिकारी पर अपराधिक प्रकरण दर्ज की मांग उठने लगी है।