अनूपपुर जिले में पत्रकारों के साथ बर्बरता और प्रशासन के उदासीन रवैया के चलते अपनी मांगों को लेकर जिले भर के पत्रकार कल होंगे एकत्र,छत्तीसगढ़ से भी कई पत्रकार साथी करेंगे शिरकत - विजय उरमलिया की कलम से
अनूपपुर - अनूपपुर जिले में उन पत्रकारों पर सबसे ज्यादा खतरा है खास तौर से जो ग्राउंड रिपोर्टिंग करते है और हालात जिस तरह भयावह अनूपपुर में पत्रकारों के लिए हो चले है इससे पहले कभी नही देखे गये,इस पूरे प्रशासनिक फेलियर के चलते जिले भर के पत्रकार कल एकत्र हो रहे है न्यू बसस्टैंड के पास जहां से अपनी आवाज और अपने कामो में रुकावट बन रहे सिस्टम तक पहुंचाने का काम करेंगे हम पत्रकारों का विरोध न किसी व्यक्ति विशेष से है और न ही किसी अधिकारी कर्मचारी से हमारा विरोध लचर सिस्टम से है जहां अपर कई पत्रकारों के खिलाफ राजैतिक दबाव के चलते मुकदमे कायम हो जाते है या फिर अगर किसी अधिकारी के खिलाफ या माफिया के खिलाफ खबर हो जाये तो उस पत्रकार को फर्जी तरीके से फसाने का सडयंत्र खेला जाता है और जिले के कई संगठनों ने प्रशासन को कई बार ज्ञापन भी दिया पर प्रशासन उन ज्ञापनों पर क्या हुआ आज तक नही बता सकी उसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है कि ग्यापन महज रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है तो दूसरी तरफ पत्रकार के खिलाफ कोई फर्जी शिकायत भी हो जाये तो उस पर जांच न हो सीधे मामला पंजीबद्ध कर दिया जाता है हम कहते है आप जांच तो कर लीजिए जो दोषी हो कार्यवाही किया जाये पर जिले में पत्रकारों की कलम को कुंठित बनाने के लिए हर तरह से सडयंत्र रचे जा रहे है ऐसे कई गंभीर मुद्दे है जिनको प्रशासन ध्यान नही देता नतीजा ये होता है कि पत्रकारों का काम करना मुश्किल हो गया है इन्ही समस्यों को लेकर जिले भर के पत्रकार के साथ साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से भी कई पत्रकार साथी आंदोलन में शामिल होने आज निकल रहे है जो कल इस आंदोलन में शामिल होंगे, कल न्यू बसस्टैंड अंडर ब्रिज के पास बैठेंगे जहां से प्रशासन और सरकार तक अपनी मांगों को पहुंचाने का काम किया जायेगा