अमरकंटक के कपिलधारा आगे परिक्रमावासी रास्ते जंगल में मिला शव ,नर्मदा परिक्रमावासी मार्ग पर मिला शव , नर्मदा समग्र के कार्यकर्ताओं ने निभाई अहम भूमिका,,संवाददाता / श्रवण उपाध्याय 

अमरकंटक - मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक के नर्मदा परिक्रमा या पंचकोसी मार्ग में कपिलधारा के आगे जंगल में एक परिक्रमा वासी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो जाने की खबर से पूरा क्षेत्र शोक और चिंता से व्यथित है । शुक्रवार को कपिलधारा (जिला डिंडोरी) के घने जंगलों में नर्मदा परिक्रमा का कच्चा मार्ग (पंचकोसी मार्ग) परिक्रमा मार्ग पर एक वृद्ध  व्यक्ति का शव मिला , जिसने भी यह देखा सभी लोगों को या श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया ।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार शव के पास रखा बैग बंदरों ने फाड़ दिया था और मृतक का सामान चारों ओर बिखरा पड़ा था । पास में मिली पूजा सामग्री , परिक्रमा मार्ग से जुड़ी पुस्तिका और आय-व्यय दर्ज करने वाली नोटबुक उनके तपस्वी जीवन की गवाही दे रही थीं । आधार कार्ड से मृतक की पहचान विधूत बैरा नामक व्यक्ति के रूप में हुई ।

सूचना मिलते ही नर्मदा समग्र संस्था के कार्यकर्ता सक्रिय हुए । दिनेश साहू ने बताया कि हमने  तत्परता से नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर परिषद अधिकारी श्री चैन सिंह परस्ते को जानकारी दी और प्रशासनिक टीम को जंगल के भीतर तक पहुँचाने में सहयोग किया । उनकी सक्रियता के कारण डिंडोरी जिला के करंजिया थाना से प्रधान आरक्षक जीवनलाल कोल और आरक्षक शिवपाल कौरव शीघ्र मौके पर पहुँचे  जिन्होंने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम हेतु करंजिया भेजा । पुलिस ने प्रारंभिक जाँच आरंभ कर दी है और मृतक के परिजनों को इस घटना की सूचना देने हेतु तलाश जारी है ।

नर्मदा समग्र के कार्यकर्ताओं ने बताया कि मृतक कई दिनों से कपिलधारा क्षेत्र में अकेले परिक्रमा कर रहे थे । उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए तथा परिक्रमा वासियों के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं ।

स्थानीय रह वासियों , श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने नर्मदा समग्र की त्वरित एवं मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता से ही यह सूचना समय पर प्रशासन तक पहुँच सकी और आगे की कार्रवाई संभव हो पाई ।