बड़ी खबर पाली में आस्था से खिलवाड़ पर प्रशासन का एक्शन — दुकान सील, कई और निशाने पर
उमरिया जिले की धार्मिक नगरी पाली, जहां स्थित विश्व विख्यात माता बिरासिनी मंदिर में देशभर से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं, इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर जबरदस्त चर्चा में है। इस वीडियो ने न केवल लोगों की भावनाओं को आहत किया, बल्कि प्रशासन को भी सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।


दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा गया कि मंदिर परिसर में चढ़ाए गए फूल-माला को एक युवक कचरे से उठाकर मंदिर के सामने संचालित एक दुकान में ले जाकर देता है। जानकारी के मुताबिक यह वायरल वीडियो बीते महीने नवरात्रि का बताया जा रहा है, ऐसे में इतने दिनों बाद कार्रवाई होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है और इसे एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है।


 *एसडीएम का ताबड़तोड़ एक्शन*
मामले की गंभीरता को देखते हुए पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वीडियो में दिखाई दे रही दुकान को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार यह दुकान अरशद अली पिता हसन अली, निवासी वार्ड क्रमांक 8 की बताई जा रही है। साथ ही दुकान का सामान जब्त किया गया।


इतना ही नहीं, मंदिर परिसर के रास्तों पर अतिक्रमण कर दुकानें चलाने वालों पर भी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को सील कर दिया गया।
 *सबसे बड़ा सवाल – आखिर दोषी कौन?*
यह पूरा मामला कई बड़े सवाल खड़े करता है—
आखिर जिन फूल-मालाओं को श्रद्धालु अपनी आस्था से माता को अर्पित करते हैं, वे कचरे में कैसे पहुंच जाती हैं?
क्या केवल दुकानदार ही दोषी है या मंदिर प्रबंधन और सेवा में लगे लोग भी जिम्मेदार हैं?


साफ तौर पर यह जिम्मेदारी सबसे पहले उन लोगों की बनती है जिन्हें मंदिर सेवा के लिए नियुक्त किया गया है। यदि वही लापरवाही बरत रहे हैं तो यह सीधा-सीधा आस्था के साथ विश्वासघात है।
 *पुजारी-पंडों पर भी गिरेगी गाज?*
एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने इस मामले में स्पष्ट कहा है कि मंदिर में नियुक्त पुजारी-पंडों को भी नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच के बाद यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।


 *जनता ने सराहा, व्यापारियों में नाराजगी* अतिक्रमण  पर की गई कार्यवाही को लेकर जहां
जहां एक ओर आम लोगों ने इस सख्त कार्रवाई की सराहना की है, वहीं कुछ दुकानदार इसे “चुनिंदा कार्रवाई” बताते हुए नाराजगी जता रहे हैं।
*पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई*
गौरतलब है कि बीते शनिवार को भी मंदिर ट्रस्ट की दुकानों पर कार्रवाई करते हुए 8 दुकानों को सील किया गया था। वर्षों से किराया न देने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसते हुए एक ही दिन में 3 लाख 11 हजार रुपये की वसूली भी की गई थी।


*अब निगाहें अगले कदम पर*  
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कार्रवाई केवल मंदिर परिसर तक सीमित रहेगी, या फिर पाली के सबसे व्यस्त मार्ग—अघोषित बस स्टैंड से मंदिर रोड, प्रकाश चौराहा और थाना रोड—जहां आए दिन जाम लगता है, वहां भी अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलेगी?


 फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि आस्था के नाम पर किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में असली जिम्मेदारों तक पहुंचता है या कार्रवाई सिर्फ दुकानों तक ही सीमित रह जाती है।