किताब दुकान की आड़ में नाबालिक से छेड़छाड़,शटर गिराकर नाबालिक युवती से दुकान संचालक कर रहा था मटर गश्ती,परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ा तो कर दी जमकर धुनाई,मामले को दबाने पैसे की पेशकश थाने में नहीं हुई कोई शिकायत - विजय उरमलिया की कलम से
किताब दुकान की आड़ में नाबालिक से छेड़छाड़,शटर गिराकर नाबालिक युवती से दुकान संचालक कर रहा था मटर गश्ती,परिजनों ने रंगे हाथों पकड़ा तो कर दी जमकर धुनाई,मामले को दबाने पैसे की पेशकश थाने में नहीं हुई कोई शिकायत - विजय उरमलिया की कलम से

कोतमा - सूत्र बताते है कि मामला कोतमा थाना क्षेत्र के आजाद चौक स्थित जनता पुस्तक भंडार का है, जहां शनिवार की दोपहर लगभग 2 से 3 बजे के बीच किताब दुकान संचालक प्रशांत जैन ने कोतमा के निवासी एक सोनी परिवार की 17 वर्षीय एक नाबालिक लड़की को दुकान के अंदर कर शटर गिराकर छेड़खानी कर रहा था। जिसकी पहले से रेकी कर रहे परिजनो की इसकी भनक लगते ही लड़की और दुकान संचालक को दुकान के अंदर से

पकड़कर पुस्तक दुकान संचालक की परिजनों ने सड़क पर घसीटकर गाली गलौज कर जमकर कुटाई की। सबसे बड़ी बात कोतमा के बीच बाजार के आजाद चौक का मामला होने के बावजूद न पुलिस को कोई भनक लगी न मीडिया को मगर धीरे धीरे यह बात आग की तरह पूरे नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसको लेकर सोशल मीडिया में कई पोस्ट वायरल भी हो रही है। बताया जा रहा है कि मामले को दबाने कुछ लोगो ने बीच में मध्यस्थता भी की और

नाबालिक का मामला होने के कारण दे लेकर मामला रफा दफा करने की बात की चर्चा भी कोतमा नगर में चल रही है। साहब यह कोतमा नगर का हाल है। जहां बिना साहब की मर्जी के एक पत्ता भी नहीं हिलता देखना होगा पुलिस इस मामले में क्या करती है,बहरहाल सवाल यह भी उठता है कि आखिर अगर मामला ऐसा नही था तो पिटाई के बाद जनता स्पोर्ट के संचालक ने पुलिस से शिकायत क्यों नही की वही सूत्र बताते है कि उक्त दुकान में लगे सीसीटीवी की भी जांच होनी चाहिए अगर दुकान के सीसीटीवी चालू है तो तय घटना दिनांक के फुटेज सब कुछ बयां कर देंगे।

वही खबर यह है कि पीड़िता थाने तक गई थी पर परिजनों पर दबाव बना कर शिकायत नही करने दी गई और जनता पुस्तक भंडार के संचालक इस पूरे मामले को दबाने के लिए सौदेबाजी पर उतारू है पर अगर ऐसा कुछ हुआ है जो पूरे कोतमा में चर्चा का विषय बना हुआ है तो सम्बंधित के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिये अन्यथा इसके हौसले और बुलंद होंगे और कभी भी किसी घटना को अंजाम दिया जा सकता है
वही इस पूरे मामले में शोसल मीडिया में लगातार कई कमेंट्स आ रहे है तो दूसरी तरफ कुछ समाज के ठेकेदार बेटी के लिए न्याय की बात करने की जगह मामले में समझौता कराने में जुट गये है ,आज तो आप समझौता करवा लेंगे पर कल जनता पुस्तक भंडार जाने वाले कितने सुरक्षित होंगे इसकी गारंटी ये समाज के ठेकेदर लेंगे क्या बहरहाल प्रशांत जैन की घिनौनी हरकत आज कोतमा में चर्चा का विषय बना हुआ है
इस पूरे मामले में हमने जनता पुष्तक भंडार के संचालक से फोन पर बात कर उनका पक्ष जानना चाहा पर उनके द्वारा फोन रिसीव नही किया गया


