पुलिस की सतर्कता से महज 4 घंटे में मिलीं एकलव्य विद्यालय छात्रावास से लापता छात्राएं,पाली विकासखंड का महीने भर का दूसरा मामला; पुलिस की तेज कार्रवाई की लोग कर रहे तारीफ़,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
पुलिस की सतर्कता से महज 4 घंटे में मिलीं एकलव्य विद्यालय छात्रावास से लापता छात्राएं,पाली विकासखंड का महीने भर का दूसरा मामला; पुलिस की तेज कार्रवाई की लोग कर रहे तारीफ़
पाली (उमरिया) पाली स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्रावास से शुक्रवार को दो छात्राएं लापता हो गई थीं। जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को मिली, थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई और महज चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छात्राओं को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।

जानकारी के अनुसार ये छात्राएं कक्षा 11वीं और 12वीं की थीं और क्रमशः ग्राम बरबसपुर एवं ग्राम मढवाटोला की रहने वाली हैं। पुलिस ने बताया कि छात्राएं पाली से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर सस्तरा के जंगलों में छिपी हुई मिलीं। टीम ने जंगल में पैदल चलकर और दौड़ लगाकर दोनों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस की इस त्वरित सफलता की क्षेत्र में जमकर तारीफ़ हो रही है।
पिछले महीने भी हुआ था छात्राओं के लापता होने का मामला
गौरतलब है कि बीते महीने भी पाली विकासखंड के नेताजी सुभाषचंद्र बोस छात्रावास से पांच छात्राएं एक साथ लापता हो गई थीं। उस समय भी पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए छात्राओं को महज 6–7 घंटे में मैहर से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया था।
तहसीलदार और सहायक आयुक्त की मौजूदगी
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार संतोष चौधरी सुबह से ही विद्यालय परिसर से लेकर थाने तक मौजूद रहे। उन्होंने छात्राओं के परिजनों से लगातार चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया। चौधरी पूरे दिन घटना की प्रगति पर नज़र रखते रहे और छात्राओं के सुरक्षित मिल जाने से लेकर उन्हें परिजनों के सुपुर्द किए जाने तक थाने में मौजूद रहे।
इसी बीच सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग पूजा दुबेदी भी पाली पहुँचीं और थाने परिसर में छात्राओं के सुरक्षित लौटने का इंतज़ार करती रहीं।
स्थानीय नागरिक और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोग और अभिभावक चिंतित हैं। उनका कहना है कि छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा करने की ज़रूरत है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि यदि तत्परता दिखाई जाए तो बड़ी घटनाओं को समय रहते टाला जा सकता है।
कलेक्टर की संभावित कार्रवाई पर नज़र
अब सबकी नज़र जिले के कलेक्टर धरनेंद्र जैन पर है कि वह इस घटना को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं और संबंधित ज़िम्मेदारों पर कैसी कार्रवाई करते हैं।


