पुष्पराजगढ़ विधायक फूंदे लाल की असफलता का जीता-जागता नमूना: बारिश में बंद हो जाता है अनूपपुर-अमरकंटक मार्ग

अपने ही निवास से चंद कदम दूर पुलिया की समस्या वर्षों से जस की तस, बारिश में घंटों फंसे रहते हैं अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालु

अनूपपुर/अमरकंटक। पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो क्षेत्रीय विधायक फूंदेलाल सिंह की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है। अनूपपुर-अमरकंटक मार्ग पर विधायक के निवास से महज चंद कदम की दूरी पर स्थित एक छोटी सी पुलिया बारिश होते ही बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है। थोड़ी सी तेज बारिश के बाद पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगता है और अनूपपुर से अमरकंटक जाने वाला प्रमुख मार्ग कई घंटों तक बाधित हो जाता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस समस्या से क्षेत्र के लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं, वह विधायक के निवास से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर मौजूद है। इसके बावजूद वर्षों से इस पुलिया को ऊंचा करने अथवा बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की दिशा में प्रभावी पहल क्यों नहीं हो सकी?

बारिश आते ही थम जाता है आवागमन

बरसात के मौसम में पुलिया पर पानी का बहाव बढ़ते ही वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ती है। मार्ग बंद होने के कारण अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों, स्थानीय ग्रामीणों और रोजमर्रा के आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार लोगों को पानी कम होने का घंटों इंतजार करना पड़ता है।

विकास के दावों पर खड़ा हुआ सवाल

पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर लगातार दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन विधायक के घर से चंद कदम दूर सड़क की यह समस्या उन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा करती है। करीब 100 मीटर की दूरी पर मौजूद पुलिया यदि वर्षों बाद भी बरसात में रास्ता रोक रही है तो क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों की समस्याओं का समाधान किस गति से हो रहा होगा, यह सवाल अब आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

श्रद्धालुओं की परेशानी भी नजरअंदाज

अमरकंटक देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां वर्षभर देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में अनूपपुर-अमरकंटक मार्ग का बार-बार बारिश के कारण बंद होना केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि अमरकंटक की कनेक्टिविटी से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया को आवश्यक ऊंचाई देकर अथवा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। इसके बावजूद समस्या का लंबे समय तक बने रहना जनप्रतिनिधित्व की सक्रियता पर सवाल खड़े करता है।

जनता पूछ रही—आखिर कब मिलेगी स्थायी राहत?

बारिश में मार्ग बंद होने की समस्या कोई नई घटना नहीं है। यदि वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, तो सवाल स्वाभाविक है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों ने अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं कराया? विधायक के निवास से चंद कदम की दूरी पर मौजूद यह पुलिया अब क्षेत्र में विकास के दावों की परीक्षा बन चुकी है।