मरे हुए प्रशासनिक सिस्टम ने जीवित महिला को मान लिया मृत,बच्चो के साथ जीवित बताते घूम रही महिला,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
मरे हुए प्रशासनिक सिस्टम ने जीवित महिला को मान लिया मृत,बच्चो के साथ जीवित बताते घूम रही महिला
पाली (उमरिया)जनपद पंचायत पाली की ग्राम पंचायत गोयरा में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक जीवित महिला को सिस्टम ने “मृत” मान लिया और उसका नाम समग्र पोर्टल से हटा दिया गया। अब वह अपने दो साल के मासूम बच्चे को गोद में लिए, पंचायत और जनपद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं — सिर्फ इसलिए कि उनका नाम फिर से परिवार सूची में जुड़ जाए।
यह मामला स्वर्गीय सतेंद्र सिंह के परिवार से जुड़ा है, जिनका समग्र क्रमांक 29584230 है। सतेंद्र सिंह की मृत्यु के बाद पंचायत ने उनका नाम पोर्टल से हटा दिया, जो कि सही कार्रवाई थी। लेकिन इसी प्रक्रिया में उनकी पत्नी नीता बाई (समग्र आईडी – 180949097) का नाम भी गलत तरीके से डिलीट कर दिया गया — जबकि नीता बाई जीवित हैं और उसी घर में अपने बच्चे के साथ निवास कर रही हैं।
इस गलती का खामियाज़ा अब नीता बाई और उनके छोटे बच्चे को भुगतना पड़ रहा है। समग्र से नाम हटने के कारण उन्हें राशन, पेंशन और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी के बीच नीता बाई कई दिनों से अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं।
फोटो में दिखाई दे रही यही नीता बाई हैं — जिनकी आँखों में बेबसी साफ झलकती है, पर फिर भी अपने बच्चे के भविष्य के लिए वह हर दफ्तर में दस्तक दे रही हैं। उन्होंने इस संबंध में जनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। “कई परिवारों के नाम तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि के कारण समग्र पोर्टल से हटा दिए गए हैं, और महीनों तक कोई सुनवाई नहीं होती,” ग्रामीणों ने बताया।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर कब तक नीता बाई का नाम पुनः जोड़ा जाता है, और क्या इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही होती है,
या फिर इन्हीं लापरवाह कर्मचारियों को संरक्षण देकर आम जनता को यूँ ही परेशान होने के लिए छोड़ दिया जाएगा।


