प्रशासन से निराश, न्यायालय से आस: अनूपपुर जिला न्यायालय भवन के लिए हाईकोर्ट सख्त

23 वर्षों से जिला न्यायालय भवन का इंतजार, हाईकोर्ट ने लॉ सेक्रेट्री को किया तलब
अनूपपुर। वर्ष 2003 में जिला बनने के बावजूद आज तक अनूपपुर को पूर्ण सुविधाओं वाला जिला न्यायालय भवन और न्यायिक अधिकारियों के आवास नहीं मिल सके हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं, जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों, विधानसभा में उठे प्रश्नों और अधिवक्ता संघ की लगातार मांगों के बाद भी राज्य सरकार द्वारा निर्माण के लिए बजट जारी नहीं किए जाने पर अब मामला उच्च न्यायालय जबलपुर पहुंच गया है।
जिला न्यायालय अधिवक्ता संघ की ओर से लंबे समय से इस मांग को लेकर ज्ञापन और प्रयास किए जाते रहे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे ने उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका दायर की। याचिका पर पहली ही सुनवाई में सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
28 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश शासन के लॉ सेक्रेट्री को 3 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से उच्च न्यायालय, जबलपुर में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद अनूपपुर में जिला न्यायालय भवन निर्माण की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बासु देव चटर्जी ने पक्ष रखा। उनका कहना है कि न्यायालय भवन और न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए बजट जारी न होना न्याय व्यवस्था की मूलभूत आवश्यकताओं की उपेक्षा है।
अधिवक्ता दीपक कुमार पांडे का कहना है कि प्रतिदिन हजारों पक्षकार जिला न्यायालय पहुंचते हैं, लेकिन उनके बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास उपलब्ध नहीं हैं और अधिवक्ताओं के लिए भी केवल एक कक्ष है, जहां अत्यंत सीमित संसाधनों में कार्य करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक केवल घोषणाएं और आश्वासन मिलते रहे, इसलिए अंततः न्यायालय की शरण लेना आवश्यक हो गया।
अब सभी की निगाहें 3 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं। यदि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राज्य सरकार बजट जारी करती है तो यह न केवल न्यायिक व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि अनूपपुर जिले के लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण विकास कार्य का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।