प्रसूता की मौत पर सियासत तेज: सांसद हिमाद्री सिंह पर उठे सवाल, वायरल वीडियो को लेकर घिरीं

शहडोल/जैतपुर। जैतपुर क्षेत्र में 108 एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने के आरोपों के बीच एक प्रसूता की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। घटना के बाद सांसद हिमाद्री सिंह द्वारा कलेक्टर से मोबाइल पर की गई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद शहडोल संसदीय क्षेत्र की जनता ने कई सवाल खड़े कर दिए है| 

आम जन का कहना है कि प्रसूता की मौत जैसी गंभीर घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के बजाय वीडियो को प्रचारित कर सहानुभूति हासिल करने का प्रयास किया गया। लोगों का सवाल है कि यदि क्षेत्र में एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याएं लंबे समय से मौजूद थीं, तो सांसद ने पूर्व की समीक्षा बैठकों में इन मुद्दों को प्रमुखता से क्यों नहीं उठाया।

*स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल*

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहडोल संसदीय क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और संसाधनों की कमी की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रसूता की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है।

*निजी अस्पताल के लोकार्पण को लेकर भी उठे थे प्रश्न*

कुछ समय पहले सांसद हिमाद्री सिंह शहडोल मे एक निजी अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। उस दौरान भी आम नागरिकों ने सवाल उठाए थे कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय निजी स्वास्थ्य संस्थानों को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। अब प्रसूता की मौत के बाद वही सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं।

*जनता पूछ रही जवाब*

घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा है कि आखिर एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिल सकी। यदि 108 सेवा समय पर पहुंचती तो क्या उसकी जान बचाई जा सकती थी? लोग यह भी जानना चाहते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों ने अब तक क्या प्रयास किए हैं।

*प्रशासनिक जांच की मांग*
प्रसूता की मौत के मामले में ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।