बदतमीज होती अनूपपुर की पुलिस

अनुपपुर। शांति का टापू कहे जाने वाले जिला मुख्यालय अनुपपुर  जहां पर प्रशासन के सहयोग के लिए यहां की जनता सदैव आगे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है वही जो रूप  इन दिनों कोतवाली अनूपपुर में  पदस्थ एएसआई अकबर खान का देखने को मिल रहा है उससे कहीं जनता घरों से मजबूरन सड़कों पर पुलिस की कार्यशैली के विरोध में ना उतर जाए । 

 अगर अकबर खान ऐसी ही हरकतें करते रहे जो नजारा आज अनूपपुर में देखने को मिला जहां कोतवाली में पदस्थ अकबर खान लॉकडाउन के मद्देनजर लोगों को समझाइश देने की जगह  खुद गुंडई पे उतारू हो गये आप देखिए इस वीडियो में क्या अकबर खान बतौर पुलिस क्या पुलिसिंग कर रहे है या खुद एक गुंडे मवालियों वाली हरकत कर रहे है हम ये नही कहते कि अनूपपुर के हर पुलिस वाले का चेहरा अमानवीय है पर ये चहरा भी पुलिस की वर्दी को दागदार करने के लिए काफी है,वैसे तो अनूपपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पिछले कुछ वक्त से विवादास्पद रही है और यहां कुंडली जमाये बैठे अधिकारी इनको शह देते है जिसकी वजह से पुलिस पुलिस नही गुंडों से वर्ताव करती रहती है, दरसल आज जो वीडियो हम दिखा रहे है वो पुलिस वालों की गुंडई की एक मात्र बानगी बस है हम ये कतई नही कह रहे कि लोग नियमो का उलंग्घन करें क्यों कि आज देश मुश्किल में है और ऐसे में हमे धैर्य के साथ पुलिस और प्रशासन का सहयोग घरों पर रह कर करना है पर अकबर खान का यह वीडियो बताता है कि लॉकडाउन ने सायद इन महाशय को गुंडा गर्दी की छूट दे दी है माना कि गाड़ी वाला नही रुका तो क्या आप चलती गाड़ी पर इस तरह से हमला कर देंगे इसका दुष्परिणाम ये भी हो सकता था कि आप का डंडा गाड़ी में फंसता और गाड़ी सवार दमीदोज हो कर मौत के मुह में चला जाता तब जनाब आप की सारी पुलिस गिरी धरी की धरी रह जाती अनूपपुर के पुलिस विभाग के जिम्मेदारों को चाहिए कि ऐसे पुलिस वालों की ड्यूटी सड़कों पर कतई न लगायें अन्यथा इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकते है और कोई भी इनकी घटना का शिकार हो सकता है