गंदगी के ढेर में रहने को मजबूर नगर परिषद बनगांव राजनगर अस्पताल के आसपास के लोग

राजनगर -  अस्पताल के पास कचरो का अंबार लगा रहता है वहीं पास के तालाब मैं चारों तरफ गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है सरकार स्वच्छता के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च करती है लेकिन नगर परिषद बनगांव इस पर कोई ध्यान नहीं देती है वही बता दें धार्मिक दृष्टिकोण से काली मंदिर के तालाब के पास मांस मछली की दुकान नियमित रूप से खुलता है जिसकी रोकथाम के लिए मोहन यादव सरकार प्रतिबद्ध है लेकिन यहां सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाकर मछली की दुकान खुला रहता है वहीं तालाब में कूड़े एवं कचरा की वजह से रह वासियो में बीमारियों की आशंका भी बनी रहती है वैसे तो नगर परिषद में स्वच्छता कर्मचारियों के नाम पर महीना में लाखों रुपए का वेतन का भुगतान होता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है स्थानीय पत्रकार राकेश कुमार उपाध्याय ने जब वही तालाब के काली मंदिर के आसपास जाकर देखा तो स्वच्छता के नाम पर जमीनी हकीकत कुछ और निकाला नगर परिषद बनगांव के नगर परिषद अध्यक्ष खुद वहीं के निवासी हैं और पता नहीं उनकी नजर इस कूड़े कचरे और गंदगी पर क्यों नहीं जा रही है आसपास के रहवासी इस गंदगी से परेशान है परिषद में स्वच्छता के नाम पर कई मजदूर कार्यरत हैं लेकिन महज औपचारिकता ही है उच्च स्तरीय अधिकारियों का ध्यान ना देना यह चिंता का विषय है आने वाले समय में अस्पताल के आसपास के कॉलोनी में बीमारियों का गढ़ बन जाएगा वह दिन दूर नहीं किसी अन्य तरह के बीमारियों के संक्रमित होने से पहले शासन एवं प्रशासन इस पर संज्ञान लेकर पूरे तालाब को साफ करवा एवं मंदिर के आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखवाने में मदद करें जिससे भारत के स्वच्छ भारत अभियान को नई दिशा मिल सके