अमरकंटक में आज पुनः तीसरी बार ओस की बूंदों से जमी बर्फ की चादर,नर्मदा के उत्तर व दक्षिण तटों पर भरपूर जमी बर्फ , छाई सफेदी ,,संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक - मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक में आज शनिवार दिनांक 20 दिसंबर 2025 को भीषण ठंड का असर देखने को मिला । नर्मदा नदी के उत्तर एवं दक्षिण तटों पर ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं जिससे पूरे क्षेत्र में सफेद चादर बिछी नजर आई ।
इस वर्ष यह तीसरी बार है जब ओस की बूंदों से बर्फ जमी है । सुबह के समय घाटों , मैदानों और खुले क्षेत्रों में जमी बर्फ ने अमरकंटक की सुंदरता को और बढ़ा दिया है । इस मनोहारी दृश्य को देखकर पर्यटक एवं श्रद्धालुजन उत्साहित नजर आ रहे जिससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है ।

ठंड को देखते हुए नगर परिषद अमरकंटक द्वारा अलाव की समुचित व्यवस्था की जा रही है। 

नगर परिषद के सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि शीतलहर को ध्यान में रखते हुए नगर के विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं । उन्होंने बताया कि जहां-जहां तीर्थयात्री एवं नर्मदा परिक्रमावासी ठहरते हैं , उन सभी स्थानों पर विशेष रूप से अलाव की व्यवस्था की गई है । विशेषकर बाजार क्षेत्र , मंदिर परिसर , माई बगिया , सोनमूड़ा , बस स्टैंड सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर अलाव की लकड़ी उपलब्ध कराकर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं ताकि लोगों को ठंड से राहत मिल सके ।

शासकीय उद्यानिकी के कर्मचारी कमलेश तिवारी ने बताया कि इस तरह ज्यादा ठंड या पाला पड़ता है तो इससे पौधे नष्ट होने का भय होता है । नए और छोटे पौधे , छोटे वृक्षों को पाला मार जाता है जिससे वो पनप नहीं पाते और मेहनत बेकार चली जाती है लेकिन प्रयास पूरी रहती है कि पाला या ठंड से पौधे और छोटे वृक्षों को बचाया जा सके ।