बिजुरी मर्डर केस: अनूपपुर मे नए एसपी के आते ही पुलिस पर से उठ गया आम जन का विश्वास
बिजुरी मर्डर केस: अनूपपुर मे नए एसपी के आते ही पुलिस पर से उठ गया आम जन का विश्वास
अनूपपुर / नए पुलिस कप्तान विक्रांत मुराब के अनूपपुर आते ही बिजुरी मे हुई जघन्य अपराध की घटना के बाद से उस पर हुई पुलिसिया कार्यवाही के बाद से अनूपपुर जिले मे आम जन का पुलिस से विश्वास उठ सा गया है, बिजुरी मे हुई लूट व हत्या के मामले मे अब भी तरह तरह के सवाल उठ रहे है, जहाँ युवती को महिला बताया गया वही, इस पूरी घटना मे पुलिस ने फरियाद एक नाबालिक को बना दिया, जबकि मृत्य युवती के माता - पिता घटना के बाद से ही पुलिस के साथ साथ उनके आगे पीछे घूम रहे थे, लेकिन उनको फरियादी नहीं बनाया गया
इस पूरे मामले में कानून व्यवस्था और खाकी की कार्यप्रणाली पर ऐसे गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब देना अब शासन और प्रशासन के लिए भारी पड़ता दिख रहा है। जनता के बीच इस समय तीखा आक्रोश है क्योंकि मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना का नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर पुलिस जांच की संवेदनशीलता, गंभीरता और पारदर्शिता से जुड़ चुका है। लोगों का कहना है कि इस जघन्य मामले में जल्दबाजी या लीपापोती नहीं, बल्कि पूरी तरह से निष्पक्ष न्याय और ठोस जवाब होना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता की उम्र को लेकर सीधे तौर पर पुलिस के दावों की धज्जियां उड़ गईं। दरअसल, पुलिस अधीक्षक द्वारा शुरुआत में पीड़िता को बालिग करार दिया गया था, एक खुलासे ने पुलिस प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है।
आम जन ने दस्तावेजों और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से डंके की चोट पर शासन-प्रशासन को चुनौती देते हुए यह तथ्य सामने रखा गया है कि पीड़िता की वास्तविक जन्म तिथि 27 जुलाई 2009 है। इस गणितीय और दस्तावेजी आधार पर पीड़िता की उम्र महज 16 वर्ष 10 माह निकलती है, जो यह साफ करती है कि वह पूरी तरह से एक नाबालिग बच्ची थी। ऐसे में पुलिस के उस दावे पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता को 20 साल की बालिग महिला के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही या सोची-समझी साजिश के पीछे क्या मंशा थी? इसे लेकर अब विवाद गहरा गया है। आखिर बिना कोई डॉक्यूमेंट और बिना सरकारी रिकॉर्ड देखे, पीड़िता की उम्र को दरकिनार कर उसे बालिग घोषित करने की इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? इस पुरे घटना क्रम के बाद पुलिस की लीपा पोती कार्यवाही से आम जन का विश्वास उठ सा गया है


