पाली के गिंजरी स्थित छात्रावास से 5 छात्राएं लापता, जिले में मचा हड़कंप,अर्चना तिवारी गुमशुदगी की गूंज के बीच नया मामला, छात्रावासों की सुरक्षा पर उठे सवाल,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम
पाली के गिंजरी स्थित छात्रावास से 5 छात्राएं लापता, जिले में मचा हड़कंप,अर्चना तिवारी गुमशुदगी की गूंज के बीच नया मामला, छात्रावासों की सुरक्षा पर उठे सवाल

पाली (उमरिया)।जिले में गुमशुदगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जहां अभी तक अर्चना तिवारी की गुमशुदगी का मामला सुर्खियों में है, वहीं अब पाली नगर थाना क्षेत्र के गिंजरी स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास से कक्षा 8वीं की पांच छात्राओं के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, एसडीएम अम्बिकेश प्रताप सिंह, एसडीओपी एस.सी. बोहित और थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रावास प्रबंधन और अन्य छात्राओं से पूछताछ की।

छात्राओं के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने सीधे-सीधे छात्रावास संचालकों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि “छात्रावास में न तो बाउंड्रीवाल है, न ही कैमरे चालू हालत में हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल ठप पड़ी हुई है। अगर प्रबंधन ने जिम्मेदारी निभाई होती तो एक साथ 5-5 बच्चियां कैसे लापता हो सकती थीं? यह सब प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है।”
हॉस्टल सहायिका ने दी सफाई

वहीं छात्रावास की सहायिका ने अपनी सफाई देते हुए बताया कि “रात्रि 8 बजे तक सभी छात्राएं कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल थीं। इसके बाद सभी ने खाना खाया और रात 11 बजे तक सब मेरे सामने थीं, फिर अपने-अपने कमरे में सोने चली गईं। रोज की तरह सुबह 8 बजे नाश्ते के लिए जब एलार्म बजा तो अधिकांश छात्राएं मेज पर उपस्थित हुईं, लेकिन उक्त पांच छात्राएं नहीं आईं। अटेंडेंस के दौरान जब पता चला तो उनके कमरों में जाकर देखा, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थीं। इसके बाद छात्रावास परिसर और आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तभी मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और थाने में लिखित जानकारी दी।”
पुलिस की कार्यवाही
टीआई पाली राजेशचंद्र मिश्रा ने बताया कि “कल रात छात्रावास में कार्यक्रम हुआ था, जिसमें पांचों छात्राएं शामिल हुई थीं। रात को खाना खाने के बाद सभी अपने-अपने कमरों में सो गई थीं। सुबह जब उनकी गुमशुदगी की जानकारी मिली, तभी से पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।”
एसपी निवेदिता नायडू ने भी मौके पर पहुंचकर अन्य छात्राओं से पूछताछ की। खबर लिखे जाने तक पांचों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
छात्रावास से छात्राओं का इस तरह लापता हो जाना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों के आरोप और व्यवस्थाओं की हकीकत यह दर्शाती है कि सुरक्षा सिर्फ कागजों पर है, जमीनी स्तर पर लापरवाही हावी है।
अर्चना तिवारी की गुमशुदगी का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि अब पांच छात्राओं का एक साथ गायब हो जाना संबंधित विभाग और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करते हैं और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारते हैं।


