कोतमा से प्रारंभ हुई माँ की भव्य यात्रा, पाली में हुआ शानदार स्वागत — माँ बिरासिनी मंदिर में किए दर्शन, 08 अक्टूबर को माँ शारदा धाम मैहर में प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा समापन

कोतमा से 02 अक्टूबर 2025 की सुबह 10 बजे बस स्टैंड परिसर से प्रारंभ हुई माँ की भव्य यात्रा रविवार को पाली नगर पहुँची। यह यात्रा अब तक फुनगा, अनूपपुर, बुढ़ार, शहडोल,घुनघुटी होते हुए पाली नगर पहुँची, जहाँ नगरवासियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ माँ की यात्रा का भव्य स्वागत किया।

यात्रा के संयोजक हनुमान गर्ग ने बताया कि यह परंपरा वर्ष 1987 में केवल 100 श्रद्धालुओं के जत्थे से प्रारंभ हुई थी, जो आज हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ एक भव्य और ऐतिहासिक यात्रा का रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि कोतमा में नवरात्रि के दौरान माँ की प्रतिमा स्थापित की जाती है, और उसी प्रतिमा का विसर्जन इस विशाल पद यात्रा के माध्यम से मैहर में माँ शारदा धाम में किया जाता है।

पाली पहुँचते ही नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा के स्वागत में पाली नगर के जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, व्यापारी वर्ग एवं युवा साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और माँ के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए चाय, नाश्ता और ठंडे पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई।

इसके पश्चात यात्रा माँ बिरासिनी मंदिर पहुँची, जहाँ सभी श्रद्धालुओं ने माँ बिरासिनी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। माँ बिरासिनी सेवा समिति की ओर से साईं मंदिर प्रांगण में सभी श्रद्धालुओं को नाश्ता और चाय वितरित की गई।

यात्रा में लगभग 4 से 5 हजार श्रद्धालु सम्मिलित हैं, जो माँ के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जुलूस में लगभग 8 से 10 पुरुष श्रद्धालु माँ काली के रूप में सजकर नृत्य करते हुए चल रहे थे, जिससे यात्रा की भव्यता और भी बढ़ गई।

यह यात्रा आगे उमरिया, चंदिया और बरही होते हुए 08 अक्टूबर 2025 को माँ शारदा धाम, मैहर पहुँचेगी। माँ शारदा धाम पहुँचने के पश्चात श्रद्धालु मैहर भ्रमण करते हुए माँ की प्रतिमा का विसर्जन आल्हा-ऊदल के तलैया में करेंगे, तत्पश्चात माँ शारदा देवी के दर्शन कर दोपहर में सामूहिक भोजन करेंगे। इसके बाद सभी श्रद्धालु आरक्षित वाहनों द्वारा कोतमा की ओर रवाना होंगे, जिसके साथ इस भव्य धार्मिक यात्रा का विधिवत समापन किया जाएगा।