मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल: ऑटो रिक्शा में महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म, चारों नवजातों की मौत
मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल: ऑटो रिक्शा में महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म, चारों नवजातों की मौत
मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही ऑटो रिक्शा में चार बच्चों को जन्म दे दिया। दुर्भाग्यवश चारों नवजातों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मंडला जिले के नायगांव निवासी रजनी सिंगाराम को गर्भावस्था के सातवें महीने में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिली। इसके बाद मजबूरी में महिला को ऑटो रिक्शा से अस्पताल ले जाया गया।
रास्ते में महिला की हालत बिगड़ती गई और उसने ऑटो रिक्शा में ही चार बच्चों—तीन लड़कियों और एक लड़के—को जन्म दे दिया। समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण चारों नवजातों की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. डीजे मोहन्ती ने बताया कि महिला को पहले गुटास के सरकारी अस्पताल लाया गया था। उसकी स्थिति गंभीर होने के कारण उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया था। इसी दौरान रास्ते में प्रसव हो गया और चारों नवजातों की मृत्यु हो गई।
दूसरी ओर, मृत नवजातों के पिता और अन्य परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती और उचित चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। मंडला जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना प्रदेश की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। एक ओर सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर प्रसव और चार नवजातों की मौत जैसी घटनाएं स्वास्थ्य तंत्र की चुनौतियों को उजागर कर रही हैं।
फिलहाल पूरे जिले में इस घटना को लेकर आक्रोश और चर्चा का माहौल है तथा लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


