शर्म करो जिम्मेदारो!आदिवासी बेटी की मदद के लिये अब तो बढ़ा दो हांथ ,कहने मे अच्छा है पर करने मे उतना ही कठिन क्यों?- राजनारायण द्विवेदी
जहां पंचायत से लेकर जनपद जिला व विधानसभा व सांसद भी आदिवासी पर विडंबना ऐसी की एक आदिवासी बेटी पहाड़ चढ़ने का सपना संजो आगे बढ़ती है और हजारों किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर डंका बजती है लेकिन अब जब उसे अंतिम पड़ाव पार करना है तो पैसों का अभाव उसके पैर पीछे खींच रहा है परिवार अति गरीब है,आगे लक्ष्य तक पहुंच पाने में अब बेटी को पैसे चाहिए जो नहीं है मंचों से जननायक
का ढिंढोरा पीटने वाले जिम्मेदारों के दर पर बेटी सहयोग का आवेदन निवेदन कर चुकी है लेकिन वह बजाय मौन हैं....
अनूपपुर। बेटे बेटियों के अंदर छुपी प्रतिभा कब कहां निखर कर सामने आ जाए कहा नहीं जा सकता आदिवासी बाहुल्य पुष्पराजगढ़ के मेढाखार की बेटी बसंती देवी मराबी उसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण है जंगल पहाड़ों के बीच बने कच्चे मकान में रहने के दौरान कब वह पहाड़ों में चढ़ाना सीख गई पता नहीं चला शिक्षकों ने बेटी के हुनर को परखा और उसे आगे बढ़ाने का अवसर दिया वह तो सपनों में ही ठान चुकी थी कि उसे पहाड़ों की ऊंची चोटी तक पहुंच पर्वतारोही बनना है,वह प्रयास करती रही दो पड़ाव पार कर अब अंतिम पायदान पर पहुंचने के लिए वह खड़ी है लेकिन गरीबी उसे पहाड़ों पर चढ़ने से रोक रही है, और अपने आप को आदिवासियों का हितेषी कहने वाले जिले के वह तमाम आदिवासी नेता जो उसी समाज की बदौलत आज कुर्सियों पर विराजमान है लेकिन कोई भी उसके सहयोग के लिए हाथ नहीं बढ़ा रहा।

 बेटी बसंती का अब तक का सफर

मेढाखार पंचायत के अति गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी बेटी बसंती ने प्राथमिक शिक्षा पंचायत स्तर पर प्राप्त की उसके बाद पुष्पराजगढ़ पहुंचकर माध्यमिक शिक्षा अर्जित करते हुए पर्वतों पर चढ़ने के हुनर की बदौलत शहडोल में दाखिला हाई स्कूल स्तर पर प्राप्त किया जहां उसकी प्रतिभा व कौशल को देखते हुए उसे मनाली भेजा गया जहां पहली 26 से 28 दिनों की राष्ट्रीय (बीएमसी) ट्रेनिंग बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स 
2023 में 15 हजार 700 फीट की ऊँचाई मे पहुंच कर किया और दूसरी (एएमसी) ट्रेनिंग एडवांस माउंटेनियरिंग का कोर्स पूरा कर 2024 में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और 16 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर प्रथम स्थान पाते हुए उसने सभी को गौरवान्वित किया अब वह पर्वतारोही का अंतिम पड़ाव (एमओआई) का प्रशिक्षण पूरा करना चाहती है जिसे करने के लिए उसकी राह में पैसों का अभाव रोडा बन गया है

 मिला सहयोग तो पर्वतारोही होगी बसंती 
हमारी टीम को जब बेटी बसंती के संबंध में जानकारी लगी तब मौके पर जाकर हमने हकीकत समझी और प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए जन सामान्य से सहयोग की अपील करनी शुरू की गई बेटी बसंती ने हमारी टीम से कहा कि यदि उसे एम ओ आई का प्रशिक्षण दिलाने में कहीं से भी मदद मिली तो वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए पर्वतारोही प्रशिक्षक बनकर लौटेगी बेटी बसंती के पर्वतारोही बनने पर स्वाभाविक है गांव क्षेत्र जिला प्रदेश का नाम देश के मानस पटल पर रोशन होगा 

  जिम्मेदारी की कुर्सी पर बैठे आदिवासी नेता
 अनूपपुर जिला आदिवासी बाहुल्य है जहां की बेटी बसंती रहने वाली है वहां शहडोल संसदीय क्षेत्र की भारतीय जनता पार्टी से निर्वाचित सांसद श्रीमती सिंह का निवास है वहीं कांग्रेस पार्टी से निर्वाचित आदिवासी विधायक बुंदेलाल से भी पुष्पराजगढ़ के रहने वाले हैं विधानसभा अनूपपुर से आदिवासी नेता बिसाहू लाल सिंह विधायक है जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह भी आदिवासी हैं जनपद कोतमा जनपद अनूपपुर और जनपद पुष्पराजगढ़ में भी आदिवासी अध्यक्ष कुर्सी पर विराजमान है यहां तक की भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम और कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष रमेश सिंह भी आदिवासी हैं इसके बाद भी अगर एक आदिवासी बेटी पैसों के अभाव में पर्वतों के शिखर पर पहुंचने का सपना पूरा न कर सकी तो ऐसे जननायक विकास के धोतक कैसे हो सकते हैं जनता को समझना होगा