मध्यप्रदेश हाई कोर्ट सख्त : अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली को दिए  कोर्ट मे हाजिर होने के आदेश

अनूपपुर / आदेश अनुरूप क्रियान्वयन नहीं होने से अवमानना याचिका पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने शक्ति  दिखाते हुए .. अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली, संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास, शहडोल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर सरिता नायक, तथा प्राचार्य कन्या परिसर अनूपपुर श्रीमती प्रमिला पांडे को 28/04/2026 दिन मंगलवार समय 10.30 पर उच्च न्यायालय कोर्ट रूम नंबर 13 में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, प्रकरण संतोष कुमार शुक्ला सहायक ग्रंथपाल कन्या परिसर अनूपपुर के देयकों के भुगतान से संबंधित है, जबकि शासन द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सभी लाभ दिए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, नियमितीकरण के पश्चात दिए जाने वाले लाभों में एरियर्स, समयमान वेतनमान जानबूझकर रोक कर रखा गया था, पहली किश्त जारी करने के बाद उच्च न्यायालय के आदेश और शासन के आदेश को दरकिनार करते हुए रिकवरी निकाल दी गई और अन्य सभी लाभों को रोक दिया गया, कोष एवं लेखा संभागीय संयुक्त संचालक रीवा के पत्र क्रमांक RND/मॉड्यूल/2025/697 दिनांक 01/05/2025 द्वारा, समस्त दस्तावेजी कार्यवाही पूर्ण करने हेतु वांछित कागजात मंगाए गए थे, जिला कोषालय के पत्र क्रमांक/कोषालय/2025/200 दिनांक 30/05/2025 द्वारा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर को भेजे पत्र में पुनः जानकारी मांगी गई जिससे सभी लंबित भुगतान किए जा सकें पर यह सभी पत्र सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर कार्यालय में दबे पड़े रहे कोई जानकारी न रीवा भेजी गई और न ही अनूपपुर कोषालय को दी गई, इसी बीच सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर द्वारा संतोष कुमार शुक्ला के विरुद्ध दिनांक 23/01/2025 को रिकवरी आदेश जारी कर दिया गया और पंद्रह दिनों जमा करने के निर्देश दे दिए गए जबकि बकाया भुगतान अभी भी रुका हुआ था, विभाग की लापरवाही और दमनात्मक कार्यवाही से आहत होकर संतोष कुमार शुक्ला द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका प्रस्तुत कर दी गई जिसमें हर्षल पंचोली कलेक्टर अनुपपुर, संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास शहडोल, सरिता नायक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर, एवं प्राचार्य कन्या परिसर अनूपपुर प्रतिवादी बनाया गया था याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने चारों प्रतिवादी गण को 10/03/2025 को नोटिस जारी किया गया था, जवाब त्रुटिपूर्ण प्रस्तुत करने और समयसीमा में रिट याचिका का अनुपालन नहीं करने पर उच्च न्यायालय ने दिनांक 16/04/2026 को एक सप्ताह में याचिका के अनुरूप क्रियान्वयन करने का आदेश जारी किया , क्रियान्वयन नहीं होने पर अनावेदक क्रमांक चार को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे दिनांक 24/04/2026 को अनावेदक के अधिवक्ता द्वारा अनुरोध किए जाने पर प्रकरण पुनः 27/04/2026 को लगा हुआ था सुनवाई के दौरान प्राचार्य कन्या परिसर अनूपपुर उपस्थित रहीं न्यायालय ने दो वर्ष तक भुगतान की देरी मानते हुए चारो अनावेदकों को सुबह 10.30 बजे उच्च न्यायालय जबलपुर में दिनांक 28/04/2026   दिन मंगलवार को उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं