अमरकंटक में लोगो ने महाशिवरात्रि पर लगाई आस्था की डुबकी ,महाशिवरात्रि पर्व पर संतो ने तीर्थयात्रियों को बांटा प्रसाद 

अमरकंटक / मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान हेतु उमड़ पड़ी । लोगो ने मां नर्मदा जी की पवित्र नदी में स्नान कर मंदिर दर्शन , पूजा आराधना बाद क्षेत्र भ्रमण , मेला भ्रमण बाद ही ठहरने की या वापस होने की सोचते रहे । आज सुबह अन्य वर्ष की भांति ज्यादा भीड़ क्षेत्र में देखी नहीं गई परन्तु लोगों में श्रद्धा भक्ति की कमी नहीं आई । यहां का मेला भी पांच दिवसीय चलता है जिसमें आस पास क्षेत्र के लोग आना जाना करते है । लोग परिवार सहित अमरकंटक मेला देखने , घूमने तथा नर्मदा दर्शन करने आते है जिससे मेला की रौनक बढ़ जाती है ।  वैसे इस वर्ष प्रयागराज में लगा कुंभ पर्व अपनी ओर ज्यादा श्रद्धालुओं , पर्यटको , तीर्थयात्रीयों का काफी खिंचाव हो गया । 
आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व है । मां नर्मदा को शंकरी अर्थात भगवान शंकर की पुत्री कहा जाता है । नर्मदा अन्य नदियों से विपरीत दिशा में प्रवाह करती है तथा नर्मदा से निकले हर कंकड़ शंकर रूप माने जाते है । यह स्वयं ही प्राण प्रतिष्ठित होते है । इसी कारण देश में ही नहीं विदेशों में भी नर्मदा से निकले हुए पत्थरों की शिवलिंग के रूप में सर्वाधिक मान्यता है , जिसके कारण अमरकंटक में महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है ।
 इस अवसर पर अनेक संतो ने अपने अपने आश्रमों में प्रसाद बनवाकर अमरकंटक मेला में पहुंचे वाले परिक्रमावासियो , श्रद्धालुओं , भक्तों आदि लोगों को संतो ने अपने अपने आश्रमों के द्वार पर मेला में पहुंचे लोगों को स्वादिष्ट बूंदी , पूड़ी सब्जी , चावल , दा आदि प्रसाद रूप में बांटा जाता रहा । कल्याण सेवा आश्रम , शांति कुटी आश्रम , खेड़िया धर्मशाला आदि अनेक जगहों पर अमरकंटक पहुंचे भक्तों , श्रद्धालुओं को कतार ने लगकर बारी बारी से पत्तलों में प्रसाद लिए जा रहे थे और प्रेम पूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण कर संतुष्ट हो रहे थे । लोगो से बात करने पर पता चला कि लोग बाहर से अमरकंटक मेला घूमने , नर्मदा स्नान करने आए हुए है । आश्रमों के द्वार पर संतो द्वारा भोजन प्रसादी जो लोगों को खिलाया जा रहा है वह  बहुत ही बढ़िया और स्वादिष्ट प्रसादी है । इससे अनेक भक्तों , श्रद्धालुओं , पर्यटकों  का समय की बचत हो रही है । अब अमरकंटक क्षेत्र तथा मेला का भ्रमण करने में ज्यादा आनंद आएगा कारण कि भोजन की चिंता नहीं रह गई ।
अमरकंटक में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अनेक आश्रमों में प्रसाद का वितरण किया जाता है । 
महामंडलेश्वर स्वामी रामभूषण दास जी महाराज (शांति कुटी) ने बताया कि प्रभु प्रसाद का वितरण श्रद्धापूर्वक संतो , भक्तों को अवश्य करना चाहिए । अन्न दान महा दान माना गया है जिसे करते रहना चाहिए ।