आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भी खुलेआम हो रही मांश की बिक्री,श्रद्धलुओं की आस्था हो रही आहत,मुख्यमंत्री के आदेश को हो रही अवहेलना,,रिपोर्ट @राजकुमार गौतम बिरसिंहपुर

आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भी खुलेआम हो रही मांश की बिक्री,श्रद्धलुओं की आस्था हो रही आहत,मुख्यमंत्री के आदेश को हो रही अवहेलना
आज पूरे भारतवर्ष में महाशिवरात्रि का पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है इसी तरह उमरिया जिले में भी हर बड़े छोटे शिवालयों में पहुच कर भक्त बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर रहे है वही जिन रास्तो से शिवालयों में भक्त शुद्ध मन से पूजा के लिए गुजर रहे है वहा खुले में मांश की बिक्री और दुकानों से आ रही दुर्गंध भक्तों के मन को विशुद्ध कर रही है वैसे तो प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव ने शपथ ग्रहण करते ही पहला आदेश यही पारित किया था जिसमे अधिकारीयो को आदेशित किया गया था की खुले एवम धार्मिक स्थलों के सामीप पूर्णतः मांश की दुकान ततकाल बंद कराया जाए लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश का पालन तो नही हो सका बल्कि अधिकारियों ने खुलेआम मांश की बिक्री करने वालो की और आंखे बंद कर ली लिहाजा आज महा महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भी मांश की खुलेआम बिक्री से श्रद्धालुओं की आस्था पर ठेस पहुच रही है बात करे तो पाली नगर में हॉस्पिटल तिराहा सामीप से गुजरने वाले रास्ते में खुले आम मांश मछली बिक्री की जा रही है जिससे काफी दुर्गंध आती है इसी रास्ते से होकर श्रद्धालु बरबसपुर स्थित प्रसिद्ध पंचलेश्वर धाम और वार्ड क्रमांक 2 स्थित कुटिया पूजा अर्चना के लिए जा
रहे है यहां हर वर्ष महाशिवरात्रि के पर्व पर बड़ा आयोजन किया जाता है जहां हज़ारों की संख्या में भक्त उक्त रास्ते से होकर गुजरते है लेकिन खुले में मांश और मछली की दुर्गंध से श्रद्धालु की आस्था विशुद्ध हो जाती है श्रद्धालुओं ने कलेक्टर उमरिया से अपेक्षा की ही की आज के दिन और धार्मिक आयोजनों के दिन उक्त दुकानों को बंद कराया जाये जिससे श्रद्धालु शुद्व मन से भगवान की पूजा अर्चना कर सके।और उनकी आस्था आहत न हो सके।