अमरकंटक मां नर्मदा उद्गम स्थली में नवरात्रि की धूम , भक्त और श्रद्धालू की उमड़ रही भीड़ 

अमरकंटक / मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक  में बसंत ऋतु की बहार और चैत्र नवरात्रि की धूम एक साथ भक्तों और श्रद्धालुओ को झूमने के लिए मजबूर हो रहे । भक्तों को देख ऐसा लगता है कि आनंद और प्रेम के इस मौसम में भक्तगण भक्ति में डूब रहे । भक्ति का आलम लगातार बढ़ता ही जा रहा और मौसम भी अपनी छटा बिखेर रहा । भक्तगण मां नर्मदा नदी में स्नान , दर्शन , पूजन और अर्चन हेतु अपने परिवार जनों के साथ भारी तादाद में अमरकंटक पधार रहे  और नवरात्रि का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं । 
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नर्मदा उद्गम परिसर में लगभग 151 घृत ज्योति दीपक भक्त श्रद्धालुओं द्वारा प्रज्वलित कराए गए हैं तथा जवारा एवं कलश स्थापित किया गया है । भक्त श्रद्धालुओं के घृत ज्योति कलश जवारे के लिए विधिवत पूजन पाठ अनुष्ठान किया जा रहा है । 
स्थानीय कल्याण सेवा आश्रम में जगत जननी मां जगदंबे , राजराजेश्वरी की पूर्ण विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया जा रहा है तथा प्रत्येक दिवस निशा हवन आचार्य पंडितों के द्वारा मंत्र उच्चारण के साथ धार्मिक वातावरण में पूजा पाठ किया जा रहा है । पंडित संदीप जोशी ने बताया कि आश्रम के मंदिर प्रांगण में रात्रि पूजन एवं हवन आचार्य पुरोहितों द्वारा किया जाता है । 
स्थानीय शंकराचार्य आश्रम में त्रिपुर सुंदरी मां भगवती राजराजेश्वरी की पूरे विधि विधान के साथ पूजन अर्चन अनुष्ठान पाठ किया जा रहा है यहां पर 51 दीपक घृत एवं तेल के प्रज्वलित है तथा कलश स्थापित किया गया है तथा जवारे बोए गए हैं । शंकराचार्य आश्रम मंदिर के प्रधान पुजारी ब्रह्मचारी नर्मदानंद जी ने बताया की आश्रम में दोनों समय की नवरात्रि में मंदिर परिसर में मां की पूजा आरती की जाती है । आठवें दिन विधि पूर्वक ब्राह्मण मंत्रोच्चार द्वारा विधि विधान के साथ हवन आदि और नौवे दिन कन्या भोजन एवं भंडारा कराया जाता है । मंदिर में शुरू से ही घृत एवं तेल की ज्योति वर्षों से भक्त श्रद्धालुओं द्वारा जलवाया जाता है । नवरात्रि के पावन अवसर पर अमरकंटक में अनेक जगहों पर पूजा पाठ हवन कन्या भोज भंडारे किए जाते है ।