मैसेज में भेजी जा रही APK फ़ाइलों से रहें सावधान, अनूपपुर के युवाओं को बनाया जा रहा निशाना
मैसेज में भेजी जा रही APK फ़ाइलों से रहें सावधान, अनूपपुर के युवाओं को बनाया जा रहा निशाना
अनूपपुर। जिले में इन दिनों मोबाइल साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को APK फ़ाइलें भेजी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों के मोबाइल को हैग कर पर ऐसे संदेश अनूपपुर के व्यापारी राकेश अग्रवाल के नम्बर से भेजे जा रहे हैं। उनके नाम व मोबाइल नम्बर का दुरुपयोग किया जा रहा है।
साइबर सुरक्षा जानकारों के अनुसार, APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड ऐप इंस्टॉल करने की फ़ाइल होती है। यदि कोई अनजान APK फ़ाइल डाउनलोड कर उसे इंस्टॉल कर लेता है, तो उसके मोबाइल का डेटा, बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। कई मामलों में ऐसे ऐप मोबाइल का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, अनूपपुर के कई युवाओं के मोबाइल पर इस तरह के संदिग्ध संदेश प्राप्त हुए हैं। इससे लोगों में चिंता का माहौल है। साइबर अपराधी अक्सर किसी परिचित व्यक्ति का नाम या प्रोफ़ाइल इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान स्रोत से आई APK फ़ाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। यदि किसी परिचित के नाम से ऐसा संदेश आए, तो पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर पुष्टि करें। साथ ही, संदिग्ध संदेशों की सूचना साइबर पुलिस या स्थानीय पुलिस को दें।
सावधानी ही सुरक्षा है:
- किसी भी अनजान APK फ़ाइल को न खोलें।
- केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक या फ़ाइल पर क्लिक करने से बचें।
- बैंकिंग या निजी जानकारी किसी अनजान ऐप में दर्ज न करें।
- संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।
साइबर अपराधियों के बदलते तरीकों को देखते हुए अनूपपुर के नागरिकों, विशेषकर युवाओं को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है। एक छोटी-सी लापरवाही आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन सकती है।


