पाली–नौरोजाबाद–उमरिया में राजश्री गुटखा की जीएसटी चोरी पर विभाग मौन, मिलीभगत के गंभीर सवाल,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
पाली–नौरोजाबाद–उमरिया में राजश्री गुटखा की जीएसटी चोरी पर विभाग मौन, मिलीभगत के गंभीर सवाल
पाली/नौरोजाबाद/उमरिया- जिले में राजश्री गुटखा के कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की चर्चा ज़ोरों पर है। लंबे समय से यह कारोबार विभागीय नियमों को ताक पर रखकर चल रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूँदे बैठे हैं।
अन्य जिलों में खुल चुके करोड़ों के घोटाले
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हाल ही में एक गुटखा कारोबारी को गिरफ्तार किया गया था, जहाँ 100 करोड़ से अधिक की कर चोरी पकड़ी गई। इससे पहले भोपाल, इंदौर, गाज़ियाबाद और रायपुर जैसे शहरों में भी राजश्री गुटखा के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की हेराफेरी उजागर हो चुकी है।
विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, कंपनी पर अभी भी 21 करोड़ से अधिक की टैक्स रिकवरी लंबित है।
पाली–नौरोजाबाद–उमरिया में संदेह गहराता
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि यहाँ लंबे समय से गुटखा की अवैध सप्लाई हो रही है। दुकानदारों को बिना टैक्स बिल के माल उपलब्ध कराया जाता है। जानकारों का कहना है कि यदि विभाग यहाँ गहराई से जांच करे तो करोड़ों रुपए की कर चोरी का पर्दाफाश तय है।
विभाग की चुप्पी या मिलीभगत?
जब इस विषय में हमारे द्वारा जीएसटी विभाग के अधिकारी धनराजू एस. कोडिगेन्हल्ली, आयुक्त GST इंदौर से बात की गई, तो उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया। विभाग की यह चुप्पी सवाल खड़े करती है कि आखिर ऐसा क्या है जो अधिकारी छिपाना चाहते हैं?
सूत्रों की मानें तो यह “मौन स्वीकृति” कहीं न कहीं विभाग और कारोबारियों के बीच मिलीभगत की ओर इशारा करती है। कई जानकार इसे “संरक्षण” भी मान रहे हैं।
जनता और व्यापारी नाराज़
स्थानीय व्यापारी व कर विशेषज्ञ खुले तौर पर कह रहे हैं कि विभाग की उदासीनता ने गुटखा कारोबारियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई न हुई तो यह घोटाला और भी बड़ा रूप ले सकता है। जनता अब सवाल पूछ रही है कि सरकार और विभाग आखिर कब तक आँखें मूँदकर बैठे रहेंगे?


