राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप: लखनपुरा उचित मूल्य दुकान में हंगामा, ग्रामीणों ने जड़ा ताला — कोटेदार मौके से फरार,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमारिया
राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप: लखनपुरा उचित मूल्य दुकान में हंगामा, ग्रामीणों ने जड़ा ताला — कोटेदार बोले, “जलनवश लगाए जा रहे आरोप”

उमरिया जिले के लखनपुरा स्थित महिला बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति मर्यादित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कोटेदार पर अनियमितता और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए दुकान में हंगामा कर ताला जड़ दिया। घटना के दौरान कोटेदार के मौके से भाग जाने की भी बात कही जा रही है।

मामले की जानकारी देते हुए जिला पंचायत सदस्य बेला अर्जुन सिंह सैयाम ने बताया कि उक्त उचित मूल्य दुकान का संचालन बिंदे सिंह द्वारा किया जाता है। उनके अनुसार, पिछले चार महीनों से ग्रामीणों को मिलने वाला राशन सही तरीके से वितरित नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि कभी एक माह तो कभी दो माह का राशन देकर हितग्राहियों से मशीन में पूरे महीने का अंगूठा लगवा लिया जाता था।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने अपने अधिकार का राशन मांगा और इस पर आपत्ति जताई तो कोटेदार कथित रूप से अभद्रता करने लगा। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने उसे दुकान के अंदर बंद कर ताला जड़ दिया। कुछ लोगों द्वारा मारपीट की बात भी कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। तहसीलदार लक्ष्मीकांत शर्मा ने स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो राशन दुकान पर ताला लगा हुआ था और कोटेदार मौजूद नहीं मिला। ग्रामीणों ने कोटेदार पर अनियमितता और दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की है। तहसीलदार ने यह भी कहा कि बंधक बनाए जाने की स्थिति की पुष्टि वे नहीं कर सकते, क्योंकि उनके पहुंचने तक ऐसी स्थिति मौजूद नहीं थी। मामले में एसडीएम को शिकायत भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोटेदार का पक्ष:
इस संबंध में जब कोटेदार बिंदे सिंह से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि राशन वितरण नियमानुसार किया गया है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि “एक-दो लोगों द्वारा जलनवश माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, बाकी आरोप पूरी तरह गलत हैं।”
फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।


