नकली सोना दिखाकर लाखों की ठगी — पाली पुलिस ने चंद घंटों में किया बड़ा खुलासा,₹4.50 लाख नगद और बोलेरो वाहन जब्त, मुख्य आरोपी राजेश बहेलिया फरार,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
नकली सोना दिखाकर लाखों की ठगी — पाली पुलिस ने चंद घंटों में किया बड़ा खुलासा,₹4.50 लाख नगद और बोलेरो वाहन जब्त, मुख्य आरोपी राजेश बहेलिया फरार

पाली (उमरिया) - थाना पाली पुलिस ने नकली सोने के सहारे लाखों की ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फरियादी संतराम सोनी, निवासी राजकिशोर नगर, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया, जबकि मास्टरमाइंड अब भी फरार है।

कैसे रची गई ठगी की साज़िश
मुख्य आरोपी राजेश बहेलिया (फरार) करीब एक माह पूर्व फरियादी के घर कंठी-माला बेचने के बहाने पहुंचा। वहीं उसकी जान-पहचान बढ़ी और उसने बताया कि एक ‘तांत्रिक बाबा’ को लगभग 60 ग्राम गड़ा हुआ पुराना सोना मिला है, जिसे वह सस्ते दामों में दिला सकता है। राजेश की बातों में आकर फरियादी ने अपना मोबाइल नंबर दे दिया। इसके बाद लगातार फोन पर बातचीत होती रही और 1 सितंबर को सौदे के लिए पाली बुलाया गया।

निर्धारित दिन राजेश अपने साथियों के साथ एनएच-43 स्थित कमला नरसिंग होम के पास बोलेरो वाहन (MP-19-T-3295) से पहुंचा। आरोपियों ने पोटली से असली सोने की एक टिकली दिखाकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद फरियादी ने ₹4,50,000 नगद सौंप दिए। रकम मिलते ही आरोपी मौके से निकल गए। बाद में जब फरियादी ने पोटली खोली तो उसमें रखी सभी टिकलीयाँ नकली निकलीं।
पुलिस की त्वरित घेराबंदी
फरियादी तत्काल थाना पाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से घेराबंदी की और कुछ ही घंटों में गिरोह के सदस्य गिरफ्तार कर लिए। इनमें शामिल हैं—

1. बुद्धुलाल कोल पिता फुलचंद कोल (40 वर्ष), निवासी ग्राम पिपरिया कला, थाना बरही, जिला कटनी
2. अबसलाल बहेलिया पिता फत्तूलाल बहेलिया (40 वर्ष), निवासी ग्राम मुदरिया, थाना पाली, जिला उमरिया
3. एक आपचारी बालक
जबकि मुख्य आरोपी राजेश बहेलिया अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से ₹4,50,000 नगद बरामद किए और घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को ज़ब्त कर लिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक उमरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा एसडीओपी पाली एस.सी. बोहित के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। इसमें थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा, उप निरीक्षक विजय सेन, उप निरीक्षक बाल्मिकी प्रजापति, प्रधान आरक्षक रबी धुर्वे, आरक्षक स्वाति जैन एवं साइबर सेल के संदीप की सराहनीय भूमिका रही।
आगे की कानूनी कार्यवाही
मामले में अपराध क्रमांक 453/2025 पंजीबद्ध किया गया है और आरोपियों पर भादंवि की धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से पूछताछ जारी है और उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी खुलासा हो सकता है।


