लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ग्रामीण विकास बैंक के बाबू के ठिकानों पर छापा, 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा
लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: ग्रामीण विकास बैंक के बाबू के ठिकानों पर छापा, 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा
तड़के अचानक पहुंची लोकायुक्त की टीम, आय से अधिक संपत्ति मामले में दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच जारी
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक में पदस्थ बाबू (क्लर्क) सुभाष शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की है। लोकायुक्त की टीम ने सुबह तड़के अचानक कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद बैंक कर्मचारी और उसके परिवार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद एक्शन
प्रारंभिक जांच में लोकायुक्त पुलिस को सुभाष शर्मा की ज्ञात आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर लोकायुक्त की टीम ने उनके आवास सहित संबंधित ठिकानों पर दबिश दी। टीम द्वारा घर में मौजूद दस्तावेज, बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
6 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिलने का दावा
अब तक की जांच में 6 करोड़ रुपये से अधिक की अनुपातहीन एवं कथित बेनामी संपत्ति का खुलासा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि संपत्ति का वास्तविक मूल्यांकन और यह संपत्ति किसके नाम पर है, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।
जमीन-जायदाद और वित्तीय दस्तावेजों की जांच
लोकायुक्त अधिकारियों की टीम द्वारा सुभाष शर्मा और उनके परिजनों के नाम दर्ज जमीन-जायदाद, बैंक खातों, निवेश तथा अन्य आर्थिक लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संपत्ति उनकी वैध आय के मुकाबले किस तरह अर्जित की गई।
छापेमारी में क्या-क्या मिला, जांच के बाद होगा खुलासा
लोकायुक्त की कार्रवाई अभी जारी है। अधिकारियों द्वारा बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी चल-अचल संपत्ति सामने आई और उसमें से कितनी संपत्ति आय से अधिक पाई गई।
लोकायुक्त की कार्रवाई से मचा हड़कंप
ग्रामीण विकास बैंक के एक बाबू के ठिकानों से करोड़ों रुपये की संपत्ति सामने आने की खबर के बाद सरकारी महकमे में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोकायुक्त की टीम अब संपत्ति के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और लोकायुक्त की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो सकेगा।


