विकास की पहचान बने बिसाहूलाल सिंह: अनूपपुर के शिल्पकार- राजेश शिवहरे


अनूपपुर जिले के विकास की चर्चा जब भी होगी, उन जनप्रतिनिधियों का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा जिन्होंने केवल घोषणाएँ नहीं कीं, बल्कि धरातल पर विकास को आकार देने का प्रयास किया। इन्हीं नामों में विधायक बिसाहूलाल सिंह का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। समर्थक उन्हें अनूपपुर के "विकास पुरुष" और जिले का "शिल्पकार" मानते हैं, क्योंकि उन्होंने क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया है।

विकास केवल सड़क, पुल और भवनों का निर्माण नहीं होता, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं तक आसान पहुँच भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। पिछले वर्षों में अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र में अनेक ऐसे कार्य हुए हैं, जिनसे क्षेत्र की विकास यात्रा को नई दिशा मिलने का दावा किया जाता है। ग्रामीण सड़कों का विस्तार, पेयजल योजनाएँ, शिक्षा संस्थानों का सुदृढ़ीकरण तथा विभिन्न निर्माण कार्यों ने विकास की तस्वीर बदलने की कोशिश की है।

एक जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि वह जनता की समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करता रहे। बिसाहूलाल सिंह की कार्यशैली के समर्थक मानते हैं कि उन्होंने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए शासन की योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया। यही कारण है कि उन्हें विकास के प्रति प्रतिबद्ध नेता के रूप में देखा जाता है।


अनूपपुर आज जिस विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है, उसमें जनभागीदारी, प्रशासनिक सक्रियता और जनप्रतिनिधियों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। आने वाले वर्षों में यह अपेक्षा रहेगी कि विकास की गति और तेज हो, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों, उद्योगों का विस्तार हो, स्वास्थ्य और शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार आए तथा हर गाँव और हर नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

विकास की राजनीति तभी सार्थक होती है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। यदि यही सोच निरंतर बनी रहती है, तो अनूपपुर निश्चित रूप से प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा और विकास की यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।

— राजेश शिवहरे
वरिष्ठ पत्रकार