प्रभावितों किसानों के साथ मोजर वेयर ने किया छलावा,दूसरे यूनिट से सोन का पतन तय,आज भी प्रभावितों को नही मिल सका न्याय,प्रशासन ने भी आम जन की नही ली सुध - विजय उरमलिया की कलम से
अनूपपुर - अनूपपुर जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर मोजर वेयर पावर प्लांट इस आश्वासन के साथ स्वीकृत हुआ था की इस क्षेत्र की बेरोजगारी के साथ साथ क्षेत्र के विकास को एक नया आयाम मिलेगा और यहां के प्रभावितों को उम्मीद थी कि कम से कम स्थानीय प्रशासन उनकी सुनेगा पर बंद कमरों में चली मीटिंग प्रभावितों का भला तो नही कर सकी लेकिन प्लांट में दूसरे यूनिट लगने की तैयारियां शुरू हो चुकी है या यूं कहें कि अभी तक उन किसानों को मुआवजा मयस्सर नही हुआ जिनकी जमीनें गई थी और उसके बाद जनसुनवाई में वाकई में।जो प्रभावित है उनकी एक न सुनी गई अब हालात बद से बदतर होने को मजबूर है
आंदोलन से उम्मीद की नई किरण
जैसे ही प्रभावित किसानों से कुछ लोगों ने प्लांट के सम्बंध में मुलाकात की और दूसरे यूनिट को नही लगने देने के लिए आंदोलन की जानकारी दी कुछ उम्मीदे एक बार फिर जागी है पर आज भी प्रभावितों को डर सता रहा है कि कई आंदोलन करने वालों ने उनके साथ कंपनी की तरह ही छलावा किया है जिसके चलते आज भी प्रभावितों का विश्वास तो डगमगाया हुआ है पर एक बार फिर आश्वस्त किया है आंदोलन में सहभागी बनने का 
दरसल मोजर वेयर पावर प्लांट से केवल खतरा उन प्रभावितों को नही है जिनकी जमीनें गई हुई है दरसल जिस सोन नदी में मोजर वेयर ने बांध बनाया है उससे कई गांव प्रभावित हो रहे है यहां तक कि गर्मी के वक्त जिला मुख्यालय में किसी के यहां गमी हो जाये और वो सोन किनारे अन्तिमसंस्कार कर नदी में स्नान करना चाहे तो बूंद भर पानी मयस्सर नही होता और जब दूसरी यूनिट लग जायेगी तो सोन नदी का अस्तित्व क्या होगा अंदाजा लगाना मुश्किल नही है
भूंख से नही प्यास से मर जायेंगे लोग 
मिली जानकारी के मुताबिक जैतहरी क्षेत्र का जल स्तर जमीन के अंदर  ही जमीदोज होने के पीछे जो कारण सामने बताये जा रहे है कि प्लांट के अंदर प्रबंधन ने जिस तरह से कई कई हजार फुट गहरे बोर किये है उससे आने वाले समय मे जैतहरी क्षेत्र में बड़ा जल संकट आने वाला है
और तब लोग भूंख से नही प्यास से मरेंगे
आंदोलन से उम्मीद
दूसरे यूनिट के विरोध में आंदोलन की सुगबुगाहट ने एक बार उम्मीद की किरण जगाई है और आंदोलन करने वाले जैतहरी और आसपास के कुछ समाज सेवियों ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है जल्द ही इस आंदोलन को लेकर एक बड़ी बैठक होने जा रही है जिसमे आंदोलन कब कहाँ पर कैसे किया जाएगा इसकी रूप रेखा भी तय होगी वहीं मिली जानकारी के मुताबिक एक बैठक दिल्ली एवं पंजाब के मानसा में दिनांक 18 से 20 के बीच होने जा रही है जिसमे कई बड़े किसान नेताओं के साथ साथ कुछ सामाजिक सरोकार से जुड़ी हस्तियां बैठक में आंदोलन की रूप रेखा को तय करने जा रही है