विप्र समाज ने अभद्र टिप्पणी पर जताया आक्रोश, अनिल गुप्ता के खिलाफ पारित किया निंदा प्रस्ताव,,संवाददाता - श्रवण उपाध्याय
विप्र समाज ने अभद्र टिप्पणी पर जताया आक्रोश, अनिल गुप्ता के खिलाफ पारित किया निंदा प्रस्ताव,,संवाददाता - श्रवण उपाध्याय
अमरकंटक /अनूपपुर - विप्र समाज अनूपपुर के द्वारा आज शनि धाम मंदिर अनूपपुर में कोर कमेटी की बैठक कर एक सम्माननीय , आदरणीय महिला के प्रति भाजपा नेता अनिल गुप्ता द्वारा की गई अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी ने पूरे समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है । समाज के सदस्यों का कहना है कि यह घटना न केवल महिला की गरिमा का अपमान है , बल्कि समाज में प्रचलित नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी सीधा आघात है । इस संबंध में विप्र समाज की बैठक आयोजित की गई जिसमें सर्वसम्मति से श्री गुप्ता के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया ।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि समाज में महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा । वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की भाषा और व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त योग्य नहीं है । प्रस्ताव में मांग की गई कि अनिल गुप्ता तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगें , ताकि समाज में फैली पीड़ा और असंतोष को दूर किया जा सके ।
इसके साथ ही विप्र समाज ने यह भी चेतावनी दी कि यदि बैठक के सात दिवस के भीतर संबंधित महिला की शिकायत पर थाने अथवा प्रशासन द्वारा उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है , तो विप्र समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा । समाजजनों ने कहा कि यह संघर्ष महिला सम्मान और समाज की गरिमा की रक्षा के लिए होगा , जिसमें किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटा जाएगा ।
बैठक में विप्र समाज के संयोजक रामनारायण द्विवेदी , भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष और विप्र समाज के वरिष्ठ सदस्य कन्हैया लाल मिश्रा , आर्यावर्त ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष चैतन्य मिश्रा, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के जिला अध्यक्ष विद्याधर पांडे , सुधीर द्विवेदी , बी एल पाठक , सुरेंद्र शुक्ला , अरविंद मिश्रा , राकेश गौतम , शेषनारायण शुक्ला , रोहिणी तिवारी
, मधुसूदन द्विवेदी , जितेंद्र पांडे , संदीप मिश्रा तथा सत्येंद्र स्वरूप दुबे सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन और युवा उपस्थित रहे ।
समाजजनों ने यह भी कहा कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना केवल समाज ही नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी जाएगी तो समाज में गलत संदेश जाएगा। इसलिए यह निंदा प्रस्ताव महिला गरिमा की रक्षा के लिए एक ठोस संदेश के रूप में पारित किया गया है।


