प्रिंट रेट से मंहगी शराब की शिकायत पर आबकारी विभाग ने की कार्यवाही,आबकारी ने की पुष्टि सेल्समैन ने ग्राहक से लिया प्रिंट से ज्यादा पैसा,आबकारी के सामने ही मंहगी रेट पर बेंच रहे थे शराब

कोतमा - शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ऐसा आपने कई जगह बड़ी बड़ी होर्डिंग में लिखा देखा होगा। मगर प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचना भी गैरकानूनी है। ऐसा पाए जाने पर  जुर्माना के साथ एफआईआर और ठेकेदार के लायसेंस रद्द होने की भी होगी कार्यवाही। किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर उक्त टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराए। यह कही भी या किसी भी आबकारी दुकान में नहीं लिखा मिलेगा । चूंकि यह सब आबकारी विभाग की जानकारी में होता है। जनता को यह जानकारी नहीं होती और ठेकेदार अपने मनमाने ढंग से शराब की कीमत वसूलता है। जिस कारण आम जनता शोषण का शिकार होती है। यही फिलहाल अनूपपुर जिले के 21 शराब दुकानों के इकलौते ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है जिससे प्रतिदिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। यहां तक कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें भी हुई है। जिसकी जांच करने आबकारी विभाग ने कोतमा और अनूपपुर की शराब दुकान में कार्यवाही की है।

आबकारी के सामने ही बिक रही थी मंहगी रेट पर शराब

दरअसल कोतमा आबकारी दुकान की जांच करने पहुंचे आबकारी अधिकारी कृष्णकांत उईके ने बस स्टैंड के पास की दुकान की जांच करने से पूर्व एक आदमी को भेजकर एक शराब का क्वार्टर मंगवाए जिसमें प्रिंट रेट 135/- रुपए पड़ा हुआ था। जिसे दुकानदार ने आबकारी के द्वारा भेजे गए आदमी को 150/- रुपए में दिए जिसपर कार्यवाही कर ही रही थी कि तभी एक ग्राहक पहुंचा जिसे 160/- प्रिंट की बियर 200/- रुपए में दिए जिसमें ग्राहक के विरोध के बाद 180/- रुपए में बियर दी गई जबकि बोतल में प्रिंट 160/- रुपए ही थी।

दो दिन पहले हुआ हाईवे की भट्ठी में विवाद

दरअसल बीते दिन नेशनल हाईवे 43 की आबकारी की शराब दुकान में एक ग्राहक ने 160 रुपए की बियर का 200 रुपए लेने पर आपत्ति दर्ज की जिसको लेकर दुकान में सेल्समैन और ग्राहक के बीच बहस होने लगी। जहां मौके पर पहुंचे ठेकेदार के पुत्र अमन राय ने यह बात कही कि यह बियर हमारी फैक्ट्री का माल है। आबकारी ने हमें ठेका मंहगा दिया है तो मंहगा बेचेंगे यह पुराने साल की बियर है इसलिए प्रिंट 160 रुपए है। मगर इसकी कीमत 200 रुपए है। काफी बहस के बाद मौके पर पहुंची कोतमा पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया। वहीं बीते दिन पुष्पराजगढ़ में शराब दुकान में प्रिंट से अधिक कीमत पर शराब बेचने पर हुई मारपीट विवाद के बाद यह तीसरा मामला है।
जहा आबकारी विभाग के सामने ही प्रिंट से अधिक दर पर शराब बेचती देखी गई जिसपर आबकारी विभाग ने कार्यवाही कर जिला आबकारी अधिकारी
को प्रतिवेदन प्रस्तुत किए है।

प्रिंट रेट से ज्यादा दाम न दें

कई जगह देखा गया है कि शराब या बीयर की बोतल की कीमत ₹160 होती है. लेकिन लोगों को ₹200 से लेकर 250 तक देने पड़ जाते हैं. क्योंकि शराब खरीदने वाले लोग रेट को लेकर इतने चिंतित नहीं होते. और इसी वजह से कई जगहों पर शराब बेचने वाले लोग इस बात का फायदा उठा लेते हैं. लेकिन अगर आपसे कोई प्रिंट रेट से ज्यादा दम मांगता है. तो आपको देने की जरूरत नहीं है.आप उसे कहें कि आप प्रिंट रेट से ज्यादा नाम नहीं देंगे. अगर फिर भी शॉप ओनर नहीं मानता. तो आप उसे कहें कि आप एक्साइज विभाग में उसकी कंप्लेंट कर देंगे. ऐसे में हो सकता है दुकानदार घबरा जाए और आपको जो रेट है उसी रेट पर शराब या बीयर दे दे. लेकिन वह फिर भी न माने तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं. 

एक्साइज अधिकारी को करें कंप्लेंट 

सामान्य तौर पर जो भी शराब की दुकानें होती हैं. उनके बाहर एक्साइज विभाग का नंबर दर्ज होता है. आप उस नंबर पर काॅल करके कंप्लेंट कर सकते हैं. अगर नंबर नहीं होता, तो फिर आप गूगल पर पर उस क्षेत्र या राज्य के एक्साइज डिपार्टमेंट का नंबर ढूंढ कर वहां शिकायत कर सकते हैं. और उन्हें दुकान के बारे में जानकारी दे सकते हैं. दुकान का पता बता सकते हैं. इसके बाद एक्साइज डिपार्टमेंट उस दुकानदार पर कार्रवाई करेगी. इसीलिए जब भी आप दुकान से शराब या बीयर खरीदें. तो इस बात का जरूर ध्यान रखें। ठेकेदार शराब की खुदरा कीमत की लिस्ट अक्सर दुकान में टांगकर नहीं रखते उसका सबसे बड़ा कारण यह होता है कि ठेकेदार ग्राहकों से प्रिंट रेट से अधिक मनमाने कीमत पर पैसा वसूल सके।  जिसपर शिकायत मिलने पर आबकारी विभाग जांच करने पर चलानी कार्यवाही करती है।

जानकारी न होने के कारण ग्राहक देते है ज्यादा कीमत

शराब चाहे कितनी भी मंहगी हो बावजूद इसके लोग धड़ल्ले से शराब-बीयर पीते हैं. कुछ तो शराब शौकिया तौर पर पीते हैं. तो कुछ आदतन। लोग खुशी के मौके पर गम के मौके पर शराब-बीयर पीते हैं. नई साल की पार्टी हो या बर्थडे पार्टी हो खूब शराब की खपत होती है. लेकिन देखा गया है कि कई जगह शराब महंगे दामों पर भी बेची जाती है. शराब खरीदने वाले अक्सर मंहगे दामों पर भी शराब और बीयर खरीद लेते हैं. लेकिन अगर आपसे कोई शराब-बीयर के  प्रिंट रेट से ज्यादा दाम मंगता है. तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं और आबकारी विभाग इस पर निश्चित कार्यवाही करेगी।

इनका कहना है।

प्रिंट रेट से अधिक दर पर शराब बेचने की लगातार शिकायत मिल रही थी। जिसपर आज कोतमा की आबकारी की दुकान पर जांच की गई जहां शराब और बियर का प्रिंट से अधिक दर वसूली की पुष्टि हुई है। जिसपर कार्यवाही करते हुए प्रतिवेदन बनाकर जिला अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।

कृष्णकांत उईके 
आबकारी सर्किल इंस्पेक्टर