शासकीय महाविद्यालय करंजिया के द्वारा कड़कड़ाते ठण्ड मे एन.एस.एस का शिविर 

करंजिया /  जहाँ इन दिनों पूरा प्रदेश भयानकर ठण्ड के प्रकोप से ग्रसित है,  तो वही डिंडोरी जिले के शासकीय महा विद्यालय करंजिया द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय शिविर का आयोजन 2 दिसंबर से 08 दिसंबर तक किया जा रहा है, प्रदेश के सबसे ठन्डे क्षेत्र अमरकंटक के बगल मे स्थिति इस महा विद्यालय क्षेत्र मे वर्तमान तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के करीब है और इस कड़कड़ाती ठण्ड मे सात दिवसीय आवासीय शिविर का आयोजन मानवता के विपरीत माना जा रहा है, वैसे तो यह शिविर आम तौर पर पुरे मध्य प्रदेश की महाविद्यालय मे जनवरी फ़रवरी के अंत तक लगाये जाते है लेकिन इस महा विद्यालय मे यह कैंप कड़काड़ती ठंड के बावजूद दिसंबर के पहले सफ्ताह मे लगाए जाने का मामला कुछ अलग ही लग रहा है | जिसको लेकर महाविद्यालय में अध्यनरत छात्रों में जबरदस्त रोष है और शिविर की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग प्राचार्य महोदय से की है| 

*पी. एच. डी. की फीस के लिए शिविर*

आम तौर पर फ़रवरी के अंत मे लगने वाला यह राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर का  इस बार जल्द लगा कर कुछ अलग ही उदेश्यों को पूर्ति मे लगा हुआ है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम अधिकारी की वर्तमान मे  पी. एच डी चल रही है और उनको दिसंबर माह मे इसकी फीस जमा करनी है जिसके चलते उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर लगा कर निश्चिय ही बजट की हेरा फेरी के जुगाड़ मे यह शिविर का आयोजन किया जा रहा है | 


*नहीं रुकते कार्यक्रम अधिकारी शिविर मे*

गत वर्ष  शासकीय महाविद्यालय करंजिया द्वारा ग्राम रैतवार  मे लगाये गए शिविर मे रात लगभग 02 बजे छात्रों के बीच हुए  आपसी विवाद  से यह स्पष्ट देखने को मिला कि राष्ट्रीय सेवा योजना के महाविद्यालय कार्यक्रम अधिकारी रात मे शिविर मे कभी भी नहीं रुकते 07 दिवसीय यह शिविर महाविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर  इसका शुभारंभ किया जाता है शुभारंभ के बाद छात्रों को घर की ओर रवाना कर दिया जाता है और 5 दिनों तक  यह शिविर कागजो और झूठी तस्वीरें के साथ दौड़ता है, अंतिम दो दिनों मे छात्रों को रोकने की व्यवस्था की जाती है, जिसमे कार्यक्रम अधिकारी स्वयंसेवकों के साथ वहां नहीं रुकते पूरा शिविर अव्यवस्थाओं के बीच खानापूर्ति के लिए चलता है |

 *विश्वविद्यालय ने मांगा केवल प्रपोज*

सूत्र यह भी बताते है की विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की विंग ने अपने अधीनस्थ महाविद्यालय से अभी केवल सात दिवसीय शिविर आयोजित करने के लिए संभावित तिथि, छात्र संख्या के साथ -साथ शिविर पर होने वाली प्रतिदिन की गतिविधियों की जानकारी महाविद्यालयों से मात्र चाही गई है, जहां पर अधिकांश महाविद्यालय ने अपने यहाँ शिविर की संभावित तिथि फरवरी माह में दी है, | विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा  योजना की विंग ने भी अभी तक लिखित रूप से किसी महाविद्यालय को शिविर लगाने का अधिकृत पत्र और न ही किसी मदद से शिविर के लिए व्यय करने का आदेश जारी नहीं किया है | फिर भी इस महाविद्यालय मे शिविर का आयोजन समझ से परे है और प्राचार्य के कलम को फसाने की कोशिश है |