*शासकीय महाविद्यालय करंजिया द्वारा औपचारिकता निभाने राष्ट्रीय सेवा योजना का लगाया शिविर*


 *बंद कमरे में खिंचवा ली जा रही है तस्वीरे*


जबलपुर / शासकीय महाविद्यालय करंजिया के द्वारा कड़कड़ाते ठण्ड मे एन.एस.एस का शिविर 

डिंडोरी /  भारत सरकार के खेल एवं युवक कल्याण विभाग व मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार  मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में लगने वाले आवासीय शिवरो मे इन दिनों केवल खानापूर्ति देखी जा रही है  जिसकी वजह से राष्ट्रीय सेवा योजना अपने उद्देश्यों से भटकती नजर आ रही है, छात्र जन सेवा से दूर  होते जा रहे हैं, ऐसा ही कुछ उद्देश्य  रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय करंजिया  जिला डिंडोरी मे 2 दिसंबर से 8 दिसंबर तक आयोजित हो रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के आवासी शिविर  में देखने को मिल रहा है, जहां शिविर तो  गोद ग्राम में लगा दिया गया, लेकिन ना तो शिविर में बच्चों का पता और न ही ग्रामीणों को पता कि गांव में कोई राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर लगा हुआ है | 

 *गांव में कोई गतिविधि नहीं*

 शासकीय महाविद्यालय करंजिया से महज 06 किलोमीटर दूर  गोद ग्राम रैतवार में  राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय औपचारिक शिविर 2 दिसंबर से लागया गया है जो की पंचायत के पुराने खंडहर भवन में  एक कमरे में बच्चों को रोकने की व्यवस्था की गई, शिविर मे  धरातल पर कोई गतिविधि ना होने के कारण ग्राम वासियों को भी नहीं पता कि यहां पर कोई शिविर आयोजित हो रहा है, ग्राम वासियों ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना की कोई भी गतिविधि जैसे की कोई जन जागरूकता रैली, स्वच्छता अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम , आदि की गतिविधियां नहीं हुई,


*नहीं रुकते कार्यक्रम अधिकारी शिविर मे*

शासकीय महाविद्यालय करंजिया द्वारा ग्राम रैतवार  मे औपचारिकता के लिए लगाये गए शिविर मे भारी व्यवस्था को भी देखने मिली राष्ट्रीय सेवा योजना के महाविद्यालय कार्यक्रम अधिकारी  सात दिवसीय आवासीय शिविर मे कभी भी नहीं रुकते 07, दिवसीय यह शिविर 2 दिसंबर को महाविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर  इसका शुभारंभ किया किया, शुभारंभ  के अवसर पर महाविद्यालय के सभी छात्रों को फोटो खींचने के लिए एकत्रित कर लिया गया,  शुभारंभ व फोटो के बाद अधिकांश छात्रों को घर की ओर रवाना कर दिया जाता है, शिविर में पहले दिन 7 साथ छात्र के थे दूसरे दिन 10 और फिर  पांचवें व छठवें दिन 12 छात्रों की उपस्थिति देखने को मिली,  कुल मिलाकर 7 दिनों तक  यह शिविर  कागजो और झूठी तस्वीरें के साथ दौड़ता है,  शिविर अव्यवस्थाओं के बीच खानापूर्ति के लिए चलता दिखा शिविरशिविर मे रुकने वाले स्वयंसेवक  खाने तक को तरस गए | 

 *विश्वविद्यालय को भेजी जाती है फर्जी प्रगति रिपोर्ट*

सूत्र यह भी बताते है की विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की विंग को शिविर मे होने वाली प्रतिदिन की गतिविधियों की डेली रिपोर्ट भेजनी होती है, जहाँ पर शासकीय महाविद्यालय करंजिया के कार्यक्रम अधिकारी फर्जी फोटो व फर्जी प्रगति रिपोर्ट भेजी जाती है शिविर में जब वह मौजूद ही नहीं रहे थे, तो वहाँ पर कोई भी गतिविधि कर पाना संभव हीं नहीं है, शिविर के पांचवें दिन एनीमिया जागरूकता पर गोष्ठी व रैली का आयोजन बताया गया, जबकि एक छात्र नाम ना छापने की सर्त में बताया कि 6 दिसंबर शनिवार को कार्यक्रम अधिकारी 10 मिनट के लिए महाविद्यालय के कुछ प्रोफेसर के साथ आए थे और एक कमरे में  बैठकर फोटो खींचा ली गई, ना एनीमिया के बारे में बताया गया, ना कोई ग्रामीण मौजूद रहे, और ना ही कोई गांव में जन जागरूकता की रैली निकाली गई  कुल मिलाकर शिविर बजट की औपचारिकताओ के लिए शिविर का आयोजन होना दिखाई पड़ा |