*शासकीय महाविद्यालय गाड़ासराई के छात्रों ने मंडला संग्रहालय, रामनगर किला और सहस्रधारा का भ्रमण कर जाना ऐतिहासिक महत्व*
*शासकीय महाविद्यालय गाड़ासराई के छात्रों ने मंडला संग्रहालय, रामनगर किला और सहस्रधारा का भ्रमण कर जाना ऐतिहासिक महत्व*
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने के लिए शासकीय महाविद्यालय गाड़ासराई के 70 से अधिक छात्र और शिक्षक का दल मंडला पहुंचा जिन्होंने रामनगर किले, संग्रहालय और सहस्रधारा का भ्रमण किया।
शासकीय महाविद्यालय गाड़ासराई के इतिहास विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास व ऐतिहासिक चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण मे इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति पिटानिया, डॉ. डॉ.भगवत प्रसाद झारिया, श्री हिमांशु मरावी तथा श्री प्रेम सिंह धुर्वे भी शामिल रहे। भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों को मंडला जिले के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कराया गया। सर्वप्रथम विद्यार्थियों ने जिला पुरातत्व संग्रहालय मंडला का भ्रमण किया, जहां उन्होंने प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ शस्त्रों, ऐतिहासिक सिक्कों, शिलालेखों सहित अन्य पुरातात्विक धरोहरों का अवलोकन किया। संग्रहालय में संरक्षित धरोहरों ने विद्यार्थियों को प्राचीन भारतीय संस्कृति, कला व स्थापत्य की समृद्ध परंपरा से परिचित कराया।
संग्रहालय में छात्रों ने गोंड राजाओं के समय के हथियार, सिक्के, और अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं को देखा। इतिहास विभागlध्यक्ष ने छात्रों को गोंड राजाओं के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इसके बाद, दल सहस्रधारा पहुंचा, जो एक प्राकृतिक झरना है। छात्रों ने नौका विहार के साथ-साथ झरने के सुंदर दृश्य का आनंद लिया
रामनगर किला का किया भ्रमण
इसके बाद विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक महत्व से समृद्ध रामनगर किला का भ्रमण किया। किले की स्थापत्य शैली, प्राचीन संरचनाएं व उससे जुड़ी ऐतिहासिक गाथाएं विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भ्रमण के दौरान डॉ. अदिति पिटानिया ने गोंडवाना राज्य के गौरवशाली इतिहास, शासकों के शौर्य व बलिदान सहित उनके शासनकाल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की विस्तृत जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्री प्रमोद वास्पे ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण व संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण केवल शासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
डॉ.भगवत सिंह झारिया ने भ्रमण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भ्रमण के दौरान, विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछे, मंडला के ऐतिहासिक महत्व को समझा और गोंड राजाओं की संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों ने इस भ्रमण को बहुत रोमांचक और ज्ञानवर्धक बताया।
छात्रों ने कहा कि यह भ्रमण उनके लिए एक अनमोल अनुभव था, जिसने उनके ज्ञान और समझ को बढ़ाया है। जिस से उनको ऐतिहासिक तथ्यों को गहराई से समझने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक यात्रा को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक व स्मरणीय अनुभव बताया। महाविद्यालय प्राचार्य ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक व अनुसंधानपरक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।


