शिवचरण गुप्ता की मौत के बाद आम जन को झकझोर देने वाली तस्वीर, 5100 रुपये जुटाकर कराया गया अंतिम संस्कार

वृद्धाश्रम में हुई थी शिवचरण गुप्ता की मौत, बेटियों से किया गया था संपर्क

महाराष्ट्र। महाराष्ट्र से सामने आई एक घटना ने पारिवारिक रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि वृद्धाश्रम में रह रहे शिवचरण गुप्ता का निधन हो गया। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने उनकी तीनों बेटियों को सूचना देकर अंतिम संस्कार में शामिल होने का आग्रह किया, लेकिन दावा है कि कोई भी बेटी मौके पर नहीं पहुंची।

जानकारी के अनुसार, शिवचरण गुप्ता ने अपनी तीनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जीवनभर मेहनत की। उनकी बड़ी बेटी शिक्षिका है, दूसरी बेटी भी शिक्षिका बताई जाती है, जबकि तीसरी बेटी का विवाह एक संपन्न परिवार में हुआ है। पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए हर जिम्मेदारी निभाई।

बताया जा रहा है कि पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय लोगों और सामाजिक सहयोग से 5,100 रुपये की व्यवस्था की गई। इन्हीं पैसों से उनका अंतिम संस्कार कराया गया। यह भी दावा किया जा रहा है कि बेटियां वीडियो कॉल के माध्यम से अंतिम संस्कार देखती रहीं और प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कहती रहीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह घटना केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस पिता ने अपनी पूरी जिंदगी बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा और विवाह में लगा दी, वही अपनी अंतिम यात्रा में अपनों की उपस्थिति से वंचित रह गया।

यदि घटना से जुड़े सभी दावे सही पाए जाते हैं, तो यह समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच कहीं रिश्तों की संवेदनाएं और जिम्मेदारियां पीछे तो नहीं छूट रही हैं।