भक्ति और उल्लास से गुंजा पाली — श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भावविभोर हुए श्रद्धालु, वर्चुअल रूप से जुड़े पंडित धीरेंद्र शास्त्री,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
भक्ति और उल्लास से गुंजा पाली — श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भावविभोर हुए श्रद्धालु, वर्चुअल रूप से जुड़े पंडित धीरेंद्र शास्त्री

पाली (उमरिया)। नगर के सरस्वती स्कूल के सामने चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत रविवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा व्यास स्वामी श्री रामललाचार्य जी महाराज (खजुरीताल, मैहर) के दिव्य वचनों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। कथा स्थल पर भक्ति, उल्लास और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

दिनभर कथा में श्रीकृष्ण जन्म से जुड़ी लीला-कथाओं का भावनात्मक वर्णन हुआ। जैसे ही व्यास पीठ से महाराज श्री ने देवकी-वसुदेव के कारागार प्रसंग का वर्णन किया, पूरा वातावरण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। भक्तों ने झूम-झूमकर जन्मोत्सव मनाया, पुष्प वर्षा और शंख-घंटियों की ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिमय बन गया।
इस विशेष अवसर पर बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने वर्चुअल माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा —
“मैं इस दिव्य कथा में स्वयं उपस्थित होना चाहता था, परंतु मेरी होने वाली यात्रा को लेकर बैठकों के कारण मैं नहीं आ पाया। किंतु मेरा हृदय पाली की इस भक्ति भूमि से जुड़ा है। बहुत शीघ्र उमरिया आकर आप सभी भक्तों के बीच आने का सौभाग्य प्राप्त करूंगा।”

उन्होंने आगे कहा कि —
“कोई भी व्यक्ति सामान्य रूप से भगवान का भक्त या सच्चा श्रोता नहीं बन सकता। जब जन्मों-जन्मों के पुण्य उदय होते हैं, तभी जीवन में एक बार ठाकुर जी की मंगलमयी कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इसलिए यह कथा केवल श्रवण नहीं, बल्कि आत्मा का शुद्धिकरण है।”
उनके इस संदेश को सुनकर श्रद्धालु हर्षित हो उठे और “जय श्री कृष्ण” के नारे लगाते हुए भावविभोर हो गए।
कथा के अंत में स्वामी श्री रामललाचार्य जी ने कहा कि “श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक बालक के रूप में नहीं, बल्कि धर्म, सत्य और प्रेम के पुनर्जन्म के रूप में हुआ था। जब भी समाज में अधर्म बढ़ता है, तब कृष्ण रूप में ईश्वर प्रकट होकर धर्म की स्थापना करते हैं।”
कथा पांडाल में नंदोत्सव की झांकी, बालगोपाल का झूला दर्शन और रात्रि आरती में भारी भीड़ रही। नगर के अनेक सामाजिक संगठन एवं भक्तजन इस पावन अवसर पर उपस्थित रहे।


