मनुष्य का जीवन भगवत जीवन के लिए — पाली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में स्वामी रामललाचार्य जी का दिव्य प्रवचन,,रिपोर्ट@राजकुमार गौतम उमरिया
मनुष्य का जीवन भगवत जीवन के लिए — पाली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में स्वामी रामललाचार्य जी का दिव्य प्रवचन

पाली (उमरिया)। नगर के सरस्वती स्कूल के सामने चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास स्वामी श्री रामललाचार्य जी महाराज (खजुरीताल, मैहर) के दिव्य प्रवचनों से वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर है।

कथा के दौरान महाराज श्री ने राजा परीक्षित और श्रीशुकदेव जी के संवाद का उल्लेख करते हुए कहा —
“राजन! यह प्रश्न साधारण नहीं, उत्तम प्रश्न है — जब मृत्यु सामने खड़ी हो तो मनुष्य क्या करे? मृत्यु तो हर किसी के पास खड़ी है, बस पहचान नहीं पाता। मनुष्य का जीवन भगवत जीवन के लिए है, केवल भोग-विलास में जीवन व्यर्थ करना उचित नहीं। भगवत-प्राप्ति ही मानव जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है।

उन्होंने आगे कहा कि “मनुष्य जन्म बड़े भाग्य से मिलता है। यदि कार्तिक मास में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया जाए तो जीव संसार से पार हो जाता है।

ध्रुव कथा ने भावविभोर किया श्रोताओं को
कथा के दूसरे दिन बालक ध्रुव चरित्र का हृदयस्पर्शी वर्णन हुआ। महाराज श्री ने बताया कि ध्रुव ने अपमान के बाद भी अपने मन को भक्ति में लगाया और अटूट निष्ठा से भगवान विष्णु के दर्शन किए। इस प्रसंग ने सभी को भक्ति, धैर्य और समर्पण का संदेश दिया।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और गोवर्धन पूजा की तैयारियां
आयोजन समिति — पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, संदीप अग्रवाल — ने बताया कि कथा क्रम में
30 अक्टूबर को श्री भागवत बैठकी,
31 अक्टूबर को श्री कपिल चरित्र,
1 नवम्बर को श्री ध्रुव एवं प्रह्लाद चरित्र,
2 नवम्बर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव,
3 नवम्बर को बाललीला एवं गोवर्धन पूजा,
4 नवम्बर को श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह,
5 नवम्बर को सुदामा चरित्र एवं भागवत तत्व उपदेश के साथ कथा पूर्णाहुति,
और 6 नवम्बर को विशाल भंडारा (दोपहर 1 बजे से) आयोजित होगा।
कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होती है। कुल पुरोहित श्री आनंद कुमार शास्त्री जी हैं।
आयोजन समिति का निवेदन
आयोजन समिति ने नगर एवं आसपास के सभी श्रद्धालु भक्तों से आग्रह किया है कि वे प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण का लाभ लें। समिति ने यह भी निवेदन किया है कि 6 नवम्बर को आयोजित विशाल भंडारे में सम्मिलित होकर भगवान का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करें।


