नेता जी का फ्लैक्स प्रेम पहुंचा गाली गलौज धमकी तक,अटल ब्यौहार की कार्यप्रणाली भाजपा को करती कलंकित - विजय उरमलिया की कलम से

नेता जी का फ्लैक्स प्रेम पहुंचा गाली गलौज धमकी तक,अटल ब्यौहार की कार्यप्रणाली भाजपा को करती कलंकित
अनूपपुर - जब नेता सत्ता के नशे में मदमस्त हो जाता है तो क्या सही क्या गलत नेता जी के रसूख के आगे और आज कोतमा थाने में हुई एक शिकायत ने इन नेता महोदय की कलाई खोल कर रख दी है हालांकि ये नेता महोदय अक्सर इस तरह के विवादों में सुर्खियां बटोरने के आदी हो चुके है,दरसल मामला रेल्वे अंडर ब्रिज के पास होर्डिंग फ्रेम से शुरू हुआ जहां पर बताया जा रहा है कि किसी का फ्लैक्स पहले से लगा हुआ था सुनने में आया है कि नेता अटल ब्यौहार के जन्मदिन का वहाँ फ्लैक्स लगाया गया जबकि पहले से वहां किसी और का लगा हुआ था बात आई गई हो गई नेता जी का बर्थडे हो गया इसके बाद आज कोतमा बूढ़ी माई मंदिर के पास रहने वाले ओम प्रकाश सोनी ओम आर्ट जो इन फ्रेमो मे होर्डिंग विज्ञापन का काम करते हैं उनके द्वारा आज माननीय सत्ता के नशे में चूर नेता अटल ब्यौहार साहब की फ्लैक्सी क्या उतार दिया नेता जी का पारा हाई हो गया अरे नेता जी कल फ्लैक्सी बर्थडे में लग गई थी न बर्थडे हो गया था न अब गरीब के पेट मे लात क्यों मारने में आमादा है माना कि फ्लैक्सी उतर गई थी तो क्या आप किसी की माँ बहन करेंगे ये हक आपके पार्टी की सरकार ने तो कहीं घोषणा नही की की हमारे नेता किसी को कभी भी कहीं भी माँ बहन की गालियों से नवाजे गें पर आप कहाँ मानने वाले है आप की तो आदत में है अक्सर सुर्खियों में रहने की,गाली गलौज के बाद ओम आर्ट के संचालक ओम प्रकाश सोनी ने कोतमा थाने में लिखित शिकायत आज दी है,शिकायत में बताया गया कि जब मैं अपने दुकान में था तब अटल ब्यौहार के नंबर 7974614645 से फोन कर अटल ब्यौहार ने फ्लैक्स हटाने को लेकर माँ बहन की गलियां देते हुए धमकाने लगा जबकि मेरे द्वारा अपशब्द न कहने का लगातार आग्रह किया जाता रहा पर अटल ब्यौहार लगाता र गालियां देते हुए धमकी देते रहे जिसकी शिकायत मैं कर रहा हूँ कृपया कार्यवाही करने की कृपा करें,नेता जी फ्लैक्स ही उतारा था आपका छप्पर नही और आपकी पार्टी तो सब का साथ सब के विकास का दम्भ भरते नही थकती फिर ये आपका कदाचरण अपनी ही पार्टी के नारे को दरकिनार करते हुए गाली गलौज और धमकी पर उतर आये बहरहाल जो भी हो कोतमा पुलिस देखना है क्या सत्ता के दबाव को झेल पति है और शिकायत कर्ता को न्याय दे पाती है या फिर सत्ता के दबाव में यह शिकायत भी धूल खाती किसी कोने में पड़ी नजर आयेगी