वर्दी मे बगैर नेम प्लेट को लगाये किसी को भी पकडने पहुँच जाती है पुलिस

 

प्रतापगढ़। जेठवारा पुलिस की एक अजब-गजब कारनामा देखने को आया सामने, जब वह एक सख्स को पकडने के लिये गये तो उन्होंने वर्दी तो पहनी थी लेकिन उसमे नेमप्लेट नहीं लगाया था। ताकि उन्हें नाम से कोई पहचान न‌ सके। जब उनसे परिवार के लोग नाम‌ पूंछते हैं तो वह अपना गलत नाम बता देते हैं। मामला है जेठवारा थाना एरिया के सराय लोहंग राय गांव का जहाँ पर बीते कल दोपहर मे रेडीमेड कपड़े के कारोबारी पंकज कुमार यादव s/o विजय कुमार यादव जो कि प्रतापगढ़ शहर में रेडीमेड कपड़ा बनाने का कारखाना लगा रक्खे हैं। इनके गांव जेठवारा थाना के सराय लोहंग राय गांव मे आए दिन जेठवारा थाने की पुलिस के दो पुलिसकर्मी कृष्ण बिहारी राय जो कि वर्दी मे बगैर नेमप्लेट लगाये और विधान चन्द्र राय व्यवसायी के घर पर पहुँच जाते हैं। पीड़ित व्यवसाई गांव में लगे माता जी के दुर्गा पंडाल में आरती करने के लिए गया था। हीरो सुपर स्प्लेंडर से घर पहुंचे दोनो पुलिसकर्मियों ने वाले घर जा कर बोले कहां गया है, हमे सूचना मिली है की वो घर आया है। उसके ऊपर एफआईआर दर्ज़ है, और गिरफ्तारी का वॉरंट जारी हुआ हैं। घर वालों‌ ने बताया कि वह गांव में ही है।‌ इसके बाद जब पीड़ित व्यवसायी पंकज का आरोप है कि दोनों पुलिस वालों ने मारापीटा, जब उसके भाई को इसकी सूचना मिली तो पहुँच गया और सबकुछ मोबाइल मे रिकार्ड करने लग गया। उसने पुलिसकर्मी कृष्ण बिहारी राय से पूंछा कि क्या आरोप है तो वह कहते कि उसके उपर मुकदमा‌ दर्ज है,उसके खिलाफ वारेन्ट है। जब वारेन्ट दिखाने को कहा तो दिखा नहीं पाये। वर्दी पर नेमप्लेट न होने पर सिपाही कृष्ण बिहारी राय से नाम पूछने पर अपना फर्जी नाम विकास पांडे बता दिया। उसके बाद दोनों पुलिसकर्मी चले जाते हैं। पीडित ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी मुझको फर्जी मुकदमें में पुलिस घर से जबरदस्ती ले जाकर जेल भेज चुकी है। जिसका मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन हैं। जिसका सारा सबूत पीडित द्वारा कोर्ट में पेश किया गया है। सबसे बडा सवाल आखिर यह यह उठता है कि वर्दी पहनकर वर्दी मे नेमप्लेट क्यों नहीं लगाया गया? पीड़ित के परिवार द्वारा वारेन्ट दिखाने को कहा गया तो क्यों नही दिखाया गया वारेन्ट। इसका जवाब कौन देखा क्या यही है उत्तर प्रदेश की उत्तम पुलिस?