जबलपुर में 202 पर पहुँचा कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा उप्र के एक ही परिवार से तीन लोग मिले कोरोना पॉजिटिव ट्रेन में यात्रा करते समय डेढ़ बर्ष की बच्ची की हुई थी मौत आज जांच में बच्ची को निकलना कोरोना पॉजिटिव@जबलपुर रिपोर्ट मोहम्मद शऱीफ


जबलपुर। मेडिकल कॉलेज का वायरोलॉजी लैब से आज शनिवार की दोपहर प्राप्त हुई 30 सेम्पल की रिपोर्टस में एक ही परिवार के तीन व्यक्तियों पिता, माँ और  बेटी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है । इनकी उम्र क्रमशः 32 बर्ष , 28 बर्ष और डेढ़ बर्ष है । तीनों धनोतिलाल कोटिया तहसील सलीमपुर जिला देवरिया उत्तरप्रदेश के निवासी हैं । इन्होंने अपने घर जाने के लिये 20 मई को मुंबई से ट्रेन यात्रा शुरू की थी । रास्ते में बच्ची के डिहाइड्रेशन ,उल्टी और डायरिया से पीड़ित होने पर रेलवे हेल्पलाईन पर सूचना देने पर उन्हें जबलपुर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया । वे इलाज के लिये अस्पताल जाते समय बच्ची की रास्ते में ही उसकी मौत हो गई । वे वापस रेलवे स्टेशन गये । जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया । मेडिकल कॉलेज में मृत बच्ची का और माता-पिता का सेम्पल लिया गया । तीनों के सेम्पल की आज मिली परीक्षण रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई । बच्ची का कल शुक्रवार को ही कोरोना पॉजिटिव मानकर पूरे प्रोटोकाल के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया था । बच्ची के माता पिता मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है ।

चिकित्सकीय टीम मेडिकल कॉलेज जबलपुर के अनुसार डेढ़ वर्ष की एक बच्ची आकृति मेडिकल कॉलेज जबलपुर में परिजनों द्वारा 21 मई रात 9. 20 पर लायी गयी थी । आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी की जांच में बच्ची को मृत पाया गया था।अभिभावक के अनुसार बच्ची को दस्त एवं उल्टी एक दिन से था । पार्थिव शरीर की प्रोटोकॉल के तहत समस्त आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की गईं थीं । मृत्यु उपरांत लिए गए कोविड सैंपल की जांच रिपोर्ट आज दिनांक 23 मई को पॉजिटिव आई है ।बच्ची के माता पिता दोनों की रिपोर्ट भी आज पॉजिटिव आयी है । एवं वे मेडिकल में भर्ती हैं ।

अभिभावकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका परिवार 20 मई को मज़दूर प्रवासी ट्रेन के द्वारा मुंबई (कांदीवली से ) देओरिया उत्तरप्रदेश की यात्रा पर था । किंतु बच्ची को उल्टी , दस्त एवं गंभीर लगने पर वे जबलपुर स्टेशन उतर गए थे । स्टेशन से 108 एम्बुलेंस के द्वारा वे स्टेशन के पास के किसी प्राइवेट अस्पताल ( अस्पताल का नाम उन्हें नहीं पता है, न ही उसका कोई कागज़ है ) में भी रुके थे जहां बच्चे को मृत होना बता कर तुरंत ही, मेडिकल भेज दिया गया था।