*कोरोना दिशा निर्देशों का पालन कराने में अक्षम साबित हो रहे हैं। कोतमा स्टेट बैंक प्रबंधक@अभिषेक द्विवेदी की रिपोर्ट
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कोरोना वायरस संक्रमण जिस तेजी के साथ पुनः वापसी कर रहा है। इससे लोगों को खतरा कई गुना बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासनिक दिशा निर्देशों का पालन अति आवश्यक हो चला है। किन्तु देखा जाता है। कि कोयलांचल क्षेत्र कोतमा स्थित स्टेट बैंक में कोरोना महामारी के रोकथाम सें सम्बंधित शासकीय-प्रशासकीय दिशा-निर्देंशों का पालन बिल्कुल भी नही कराया जा रहा है। जबकि कोतमा क्षेत्र कोयलांचल नगरी है और यहां कई भूमिगत खदानें संचालित है। और इन खदानों में कार्यरत श्रमिकों का वेतनमान अधिकांशतः इसी बैंक से प्रदान किया जाता है। साथ ही पेंशन धारक सहित अन्य ग्राहकों का लेनदेन भी इसी बैंक पर होता है। बावजूद इसके बैंक प्रबंधक द्वारा कोरोना से बचाव सम्बंधित किसी भी प्रकार के शासकीय दिशा-निर्देशों का पालन नही कराया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है। कि केन्द्र एवं प्रदेश कि सरकार द्वारा कोरोना से बचाव के लिऐ भिन्न-भिन्न प्रकार के नियम निर्धारित कर लोगों से बार-बार उन नियमों का पालन करने का अपील करते हैं। जिससे लोगों का जीवन सुरक्षित किया जा सके। उसके बाद भी सेन्ट्रल बैंक प्रबंधक के कानों में जूं नही रेंगा। और शासन के अपील को नजर अंदाज कर बैंक को बूचड़खाना बना दिया गया है। जहां कोरोना महामारी के रोकथाम से सम्बंधित किसी भी प्रकार के नियमों का पालन अनिवार्य नही है। जबकि ऐसे ही लापरवाही कि वजह से इसी बैंक का एक बैंक कर्मी कि मौत पूर्व में कोरोना के चपेट में आने से हो चुकी है। इसके बाद भी बैंक प्रबंधक ने कोई सबक ना लिया। एक तरफ प्रशासन के जिम्मेदार चिकित्सक व सिपाही लोगों को कोरोना से बचाव के लिऐ जिम्म्मेदारी से अपने-अपने नैतिक दायित्वों का निर्वाहन कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर ऐसे भी  शासकीय कर्मचारी हैं। जो शासन के नियमों कि धज्जियां उडा़ रहे हैं।