जिन जिन लोगों को मेरे नाम से पैसा दिया मामला पंजीबद्ध कराओ मुदित श्रीवास्तव, मामला दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा,मेरी तो खुली चुनौती है, कभी एक रुपये लिया हो तो साबित करो सबूत के साथ - विजय उरमलिया की कलम से
जिन जिन लोगों को मेरे नाम से पैसा दिया मामला पंजीबद्ध कराओ मुदित श्रीवास्तव, मामला दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा,मेरी तो खुली चुनौती है, कभी एक रुपये लिया हो तो साबित करो सबूत के साथ - विजय उरमलिया की कलम से
अनूपपुर - कल हुए हादसे में मैं कल बाल बाल बचा मेरे ऊपर डग्गी चढ़ा कर मेरी हत्या का प्रयास किया गया और जब उस मे कामयाबी हासिल नही हुई तो आज मेरे ऊपर आरोप लगाये गये की उस पत्रकार उस पत्रकार के माध्यम से पैसे दिये मेरी खुली चुनौती है कि एक रुपये मैंने लिया है साबित कर दो मुदित श्रीवास्तव पत्रकारिता छोड़ दूंगा और जिसको तुमने पैसे दिए है मामला पंजीबद्ध कराओ दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा और मैं तो कहता हूं कल क्या आज मेरे खिलाफ भी जा कर कोतवाली में मामला पंजीबद्ध कराओ की मैंने तुमसे पैसा लिया है किसी भी प्रकार से किसी के माध्यम से अन्यथा आरोप लगाने से मैं रुकने वालों में से नही हूँ अवैध कारोबार,सरकारी जमीन पर कब्जा,फर्जी दस्तावेज लगा कर क्रेशर की अनुमति सब कुछ दस्तावेज के साथ कोर्ट में मैं तो मिलूंगा ही ,हाँ इत्तेफाक है कि जीवन मे मैं किसी के लिए अपशब्दों का स्तेमाल नही करता पर जिस तरह से तुम्हारे ड्राइवर ने मेरी हत्या करने का प्रयास किया गुस्से में अपशब्द निकले मैं सार्वजनिक रूप से उस गलती के लिए खेद व्यक्त करता हूँ कोई डर की वजह से नही ये मेरे नेचर में नही है चूंकि उस वक्त जिस तरह से मुझे डग्गी चढ़ा कर कुचलने के प्रयास किया गया वो दुःखद था और उसी का गुस्सा शायद अपशब्दों के रूप में बाहर आ गया उसके लिए मैं फिर से खेद व्यक्त करता हूँ,पर जो आरोप मेरे ऊपर लगाये है एक भी आरोप सबूत के साथ साबित करने को तैयार हो जाओ चूंकि मैं तो जितनी खबरें लिखा दिखाया मैं सबूत साक्ष्य के साथ और वो आज भी मेरे पास मौजूद है जहाँ जिस कोर्ट में लड़ना हो लड़ लो साबित करूँगा मैं की कितना क्या अवैध है,बहरहाल अगर ये सोचो कि डग्गी का खौफ दिखा कर मेरी कलम रोक लोगे तो संभव नही है , हाँ मेरे ऊपर जिन आरोप आपके द्वारा लगाये गए है सबूत के साथ आओ मेरे चैनल में मेरे पोर्टल में सबूत दो छापूंगा अगर साबित कर सके कि एक पैसा मांगा या कभी लिया,साबित करो खुद की खबर न चलाऊं तो कहना,और रही मेरी बात तो पत्रकारिता जैसी करता हूँ वैसी ही करूँगा और आज नही कल भी मैं सबूत साक्ष्य के साथ खबर करूँगा


